कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार दोपहर को 'इंडिया' गठबंधन के सांसदों को दोपहर भोज का आमंत्रण दिया। मगर समाजवादी पार्टी, शिवसेना (UBT) और शरद पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) का कोई सांसद नहीं पहुंचा।
जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेटं में भोज का आयोजन किया गया। इसमें कांग्रेस, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, आरजेडी समेत करीब 100 विपक्षी सांसद पहुंचे। भोज के बाद विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी की अगुवाई में जंतर-मंतर कूच किया। लेकिन तीन दलों के न आने की चर्चा खूब रही। मामला इतना बढ़ा कि कांग्रेस को सफाई देनी पड़ी।
यह भी पढ़ें: तेज प्रताप यादव और करण पटेल हुए 'राइज एंड फॉल 2' से बाहर, जानिए वजह
देर रात भेजा गया था न्योता: कांग्रेस
कांग्रेस ने बताया कि मंगलवार की देर रात गठबंधन के दलों को आमंत्रण दिया गया था। इस कारण कुछ दलों के प्रतिनिधि भोज में शामिल नहीं हो सके। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने एक्स अकाउंट लिखा, 'आज के भोज के लिए 'इंडिया' गठबंधन के सभी दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन भोज का फैसला कल देर रात लिया गया और उसी समय इसकी जानकारी दी गई। इसलिए स्वाभाविक था कि कुछ दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सके।'
'इंडिया गठबंधन पूरी तरह से एकजुट'
जयराम रमेश आगे कहा, 'कुछ मीडिया संस्थानों में इसे लेकर बेवजह टिप्पणी की जा रही है। 'इंडिया जनबंधन' और अन्य विपक्षी दल वोट चोरी, एसआईआर और परिसीमन के खिलाफ एकजुट हैं और पूरी मजबूती से एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।'
मुझे नहीं पता कि न्योता मिला या नहीं: सपा सांसद
खरगे के भोज में शामिल नहीं होने के सवाल पर सपा के एक सांसद ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, 'उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि हमारा कोई सांसद क्यों नहीं पहुंचा? मुझे नहीं पता कि न्योता मिला था या नहीं और अगर मिला था तो अध्यक्ष जी (अखिलेश जी) ने किसी को क्यों नहीं भेजा।'
क्या कांग्रेस की रणनीति से अखिलेश नाराज?
खरगे के भोज में सपा के नहीं पहुंचने को अखिलेश यादव की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि मंगलवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन में जो रणनीति अपनाई, सपा अध्यक्ष उससे नाखुश हैं। दरअसल, संसद परिसर से सभी विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग दफ्तर की तरफ कूच किया।
यह भी पढ़ें: 'अगर PM बनना चाहते हैं तो सबकुछ खत्म न करें', हरीश साल्वे की राहुल गांधी को सलाह
आकाशवाणी भवन के पास ही पुलिस ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया। उन्हें बस में बैठाकर अपने साथ ले गई, जबकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में ही एक बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें आठ घंटे बाद हिरासत में लिया।
अखिलेश यादव की नाराजगी से जुड़े सवाल पर एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने पीटीआई से कहा, 'मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ है। अखिलेश जी और हमारा पूरा गठबंधन पूरी तरह एकजुट है।'
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
वहीं लंच से जुड़े सवाल पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'यह सिर्फ एक लंच तक ही सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में आप चाय पर होने वाली मीटिंग के बारे में भी सुन सकते हैं। हम सब बैठकर समोसे भी खा सकते हैं। अगर ‘समोसे’ वाला नारा भी लगाया जाए तो इसमें भी कोई बुराई नहीं है। बातचीत और मेल-जोल का सिलसिला जारी रहेगा।'
