उत्तराखंड के चर्चित लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) चिटफंड घोटाले के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को सीबीआई ने बताया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी ही इस घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता है। इस केस में लाखों निवेशकों को जबरदस्त मुनाफे का लालच दिए गए और उनके पैसे उड़ा दिए गए। आरोप है कि लगभग 800 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला किया गया है। इस केस में 18 एफआईआर दर्ज की गई थी और मुख्य आरोपी किशन जैन और पंकज जैन फरार हो गए थे। पिछले साल नवंबर में यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले में उत्तराखंड पुलिस की ओर से 18 एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद कथित मुख्य साजिशकर्ता किशन जैन और पंकज जैन फरार हो गए थे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड हाई कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में ये मामले सीबीआई को सौंप दिए थे। सीबीआई के प्रवक्ता के बयान के अनुसार, एजेंसी ने पता लगाया कि दोनों आरोपी मुंबई में है और उसने उन्हें सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह भी पढ़ें: UP में टावर या टंकी पर चढ़ने पर ही मिल रहा न्याय? मई में हुईं आधा दर्जन घटनाएं
CBI ने क्या-क्या बताया?
बयान में कहा गया है, ‘जांच दल के लगातार और गहन प्रयासों के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। इन प्रयासों में बड़ी संख्या में वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण, बैंक लेनदेन की जांच, मौखिक सबूत जुटाना और देश के विभिन्न राज्यों में व्यापक स्तर पर की गई जमीनी जांच शामिल है।’ CBI ने कहा है कि यह मामला LUCC द्वारा लोगों से कथित रूप से अवैध तरीके से उनके पैसे जमा कराने, धोखाधड़ी करने, आपराधिक विश्वासघात करने, आपराधिक साजिश रचने, अनियमित जमा योजनाएं चलाने और पैसों के दुरुपयोग आदि से जुड़ा है। CBI का कहना है कि इससे उत्तराखंड के कई जिलों में बड़ी संख्या में जमाकर्ता प्रभावित हुए।
CBI के प्रवक्ता ने कहा है, ‘अब तक की जांच में उत्तराखंड में लोगों को अप्रत्याशित पैमाने पर ठगे जाने की बात सामने आई है। बड़ी संख्या में निवेशकों (करीब एक लाख से अधिक लोगों) को एलयूसीसी की विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं में निवेश करने के लिए लुभाया गया। इन जमाकर्ताओं द्वारा किया गया कुल निवेश लगभग 800 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।'
यह भी पढ़ें: 'प्रेग्नेंट बीवी साथ है' कहकर किया VIP काफिले का विरोध, पुलिस बोली- अकेला ही था
LUCC चिटफंड घोटाला क्या है?
आरोप है कि ‘लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी’ (LUCC) के एक लाख से ज्यादा निवेशकों को आकर्षक मुनाफे का वादा किया गया। LUCC में लोगों को लालच दिया जाता था कि 4-5 साल में ही उनके पैसे डबल हो जाएंगे। बिना किसी पमरिशन के ही LUCC ने उत्तराखंड ने 35 से ज्यादा ब्रांच खोल दी थीं। यह मामला तब खुलने लगा जब कई लोगों ने मैच्योरिटी के बाद अपने पैसे मांगने शुरू किए।
जब लोगों को पैसे नहीं मिले तो अलग-अलग जगहों पर एफआईआर दर्ज होने लगीं और मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया। हाई कोर्ट के आदेश पर ही यह केस पिछले साल नवंबर के महीने में सीबीईआई को सौंप दिया गया था। बता दें कि LUCC का नेटवर्क उत्तराखंड के अलावा, यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, बिहार और पंजाब जैसे राज्यों में भी फैला हुआ था।
यह भी पढ़ें: 'तीन हाथ जमीन’ वाले बयान मामले में गिरिराज सिंह ने किया सरेंडर, मिल गई जमानत
इससे पहले मई के महीने में भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इस पूरे गिरोह के सबसे अहम आरोपी माने जा रहे समीर अग्रवाल के बारे में कहा जा रहा है कि वह पत्नी सानिया अग्रवाल के साथ विदेश चला गया है। सीबीआई ने दोनों के खिलाफ सर्कुलर नोटिस भी जारी किए हैं।
