सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद ही कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म हुआ था। इसी CJP की अगुवाई में हुए संसद मार्च में छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। अब पुलिस की इसी कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई तो चीफ जस्टिस ने इसकी तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। इस याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए CJI सूर्यकांत ने जो कहा वह अब चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने याचिकाकर्ता से कहा कि अपना और हमारा समय मत खराब करिए, हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है। अपनी इसी टिप्पणी के चलते सूर्यकांत एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं।

 

दरअसल, सोमवार को हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने जमकर बल प्रयोग किया था। सैकड़ों छात्रों को इसमें चोट भी आई और सोशल मीडिया पर ऐसे तमाम वीडियो भी आए जिनमें देखा गया कि छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं। बुधवार को एक याचिका दायर की गई कि इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले। इस याचिका में मांग की गई थी कि छात्रों पर पुलिस के इस हमले को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट इस पर तुरंत सुनवाई करे।

 

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर तुरंत सुनवाई के लिए इसकी लिस्टिंग करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता वकील ने दलील दी थी कि ये छात्र NEET परीक्षा की गड़बड़ियों और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में जरूरी सुधार जैसा जरूरी मुद्दा उठा रहे हैं। इस पर CJI सूर्यकांत ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा, 'थैंक्यू सो मच।'

 

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि बहुत सारे वीडियो हैं जिनमें पुलिस की कार्रवाई देखी जा सकती है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, 'आप अपना समय भी मत बर्बाद करिए और हमारा भी। हमें वीडियो में कोई रुचि नहीं है और हमारे पास वीडियो देखने का समय भी नहीं है।'

 

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इससे पहले, मंगलवार को ऐसी ही एक याचिका हाई कोर्ट में दायर की गई थी लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था, 'इस मामले में अदालत को मत घसीटिए।'  बता दें कि इस प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सैकड़ों छात्र राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हुए थे। सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल भी छात्रों का हाल जानने पहुंचे थे।