प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 'सप्तधारा' यानी सात शक्तियों का जिक्र किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इन सात शक्तियों पर काम करके ही भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयां छू सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की चुनौतियों के बारें बात की। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा, 'पिछले 10-12 साल हम लगातार 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए दौड़ रहे हैं। हमने सोचा भी नहीं था कि हमें इसमें भी कुछ मुसीबतों को झेलना पड़ेगा। पिछले 10-12 वर्षों में हमें कितने संकटों का सामना करना पड़ा। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। सारी अर्थव्यवस्था चरमरा गई।'

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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री:-
हम इतने बड़े संकट के बावजूद भी नागरिक देवो भव: के मंत्र को लेकर जीते हुए, भारत ने जो तैयारियां की थीं, एक के बाद एक कदम उठाया था, सोचा नहीं था कि ये संकट आएगा लेकिन संकट के समय में ये सारी चीजें काम आ गई और आज देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है।

क्या है सप्तधारा योजना, जिसका पीएम मोदी ने किया जिक्र? 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सप्तधारा योजना में क्या कहा, पढ़ें-

  • पहली धारा
    उत्पादन शक्ति: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ानी होगी। छोटे पुर्जे बनाने से लेकर पूरी वैल्यू चेन भारत के नियंत्रण में होनी चाहिए। भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का केंद्र बनना होगा। यह बड़ा अवसर है, इसे हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल पर वैश्विक मानकों पर खरा उतरना होगा। भारत की पहचान जीरो डिफेक्ट की होनी चाहिए।
  • दूसरी धारा
    कृषि और फूड प्रोसेसिंग शक्ति: पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसानों को अब दुनिया का बाजार मिल रहा है। हमें खेत से लेकर एक्सपोर्ट मार्केट तक की पूरी श्रृंखला मजबूत करनी होगी। भारत के पारंपरिक खान-पान से लेकर मसालों तक को वैश्विक ब्रांड बनाना होगा। किसानों को केमिकल-फ्री और टिकाऊ खेती पर जोर देना चाहिए।
  • तीसरी धारा
    तकनीक शक्ति: तकनीक शक्तिप्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि भारत को इनोवेशन का हब बनना है। डिजिटल सिक्योरिटी को मजबूत करना होगा। कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में भारत को लीड लेना है। मेड इन इंडिया उत्पादों को पूरी दुनिया में पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है।
  • चौथी धारा
    गति शक्ति: सप्तधारा की चौथी शक्ति गति शक्ति है। देश के अंदर मजबूत कनेक्टिविटी बनानी होगी। आधुनिक हाईवे, इनलैंड बेस और पोर्ट्स को दुनिया के टॉप डेवलपमेंट ग्रोथ सेंटर्स के रूप में विकसित करना होगा। इससे लॉजिस्टिक्स और व्यापार दोनों को नई गति मिलेगी।
  • पांचवी धारा
    रक्षा शक्ति: इसका महत्व हर दृष्टि से है। दुनिया ने अनुभव कर लिया है कि डिफेंस में आत्मनिर्भर होना कितना जरूरी है। हर देश अपनी-अपनी सुरक्षा की सोच रहा है। भारत को डिफेंस सेक्टर में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनना चाहिए और वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। ड्रोन सिस्टम, अल्ट्रासोनिक तकनीक और साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। यह देश और दुनिया दोनों के हित में है।
  • छठवीं धारा
    ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी शक्ति: छठी शक्ति ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी है। ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर जोर देना होगा। भारत ग्रीन मूवमेंट का बड़ा हिस्सा बनकर आगे बढ़ रहा है। साथ ही ब्लू इकोनॉमी के कई क्षेत्रों में भी भारत तेज प्रगति कर रहा है। समुद्री संसाधनों का सही उपयोग विकास का नया इंजन बनेगा।
  • सातवीं धारा:
    सॉफ्ट पावर: सप्तधारा की सातवीं और अंतिम शक्ति सॉफ्ट पावर है। भारत की सॉफ्ट पावर दुनिया को भारत से जोड़कर रख सकती है। योग अब दुनिया की ताकत बनता जा रहा है। आस्था के केंद्र, योग, हील इन इंडिया, हैंडीक्राफ्ट, फिल्में, एनिमेशन, गेमिंग, डिजिटल कंटेंट और क्रिएटिव इंडस्ट्री में भारत अपना जलवा दिखा सकता है। भारत के पास 100 से अधिक नेशनल पार्क हैं। पर्यटन, खेल और कला के क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों और कलाकारों का आकर्षण बढ़ाना होगा। भारत की क्रिएटिव दुनिया को वैश्विक स्तर पर परिचित कराना जरूरी है। भारत के पास 100 से ज्यादा नेशनल पार्क है। विदेशी टूरिस्टों को आकर्षित करने में हम कमजोर रहे हैं। कम है, हमें दुनिया को आकर्षित करना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सप्तधारा की इन सात शक्तियों पर आधारित विस्तृत योजना पर काम करके ही विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति से यह संकल्प पूरा होगा।