प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनटीए (NTA) के जरिए होने वाली परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार लाने का फैसला लिया है, जिसके लिए नंदन नीलेकणि को एनटीए की टास्क फोर्स का हेड बनाया गया है। इस टीम में नंदन नीलेकणि के अलावा कई एक्सपर्ट्स शामिल होंगे, जो पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाए रखने के लिए काम करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को यह बात अपने इंस्टाग्राम हैंडल के जरिए बताया।
एनटीए परीक्षा की टास्क फोर्स में नंदन नीलेकणि के साथ-साथ इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटि, लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व निदेशक तपन डेका शामिल होंगे, जो परीक्षा प्रणाली को स्थापित करेंगे।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस टीम के जरिए आगे पेपर लीक जैसी समस्या नहीं होगी। जानकारी के लिए बता दें, नीट पेपर लीक होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कई छात्रों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब प्रधानमंत्री परीक्षा की व्यवस्था में सुधार लाने का फैसला लिया है।
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कौन हैं नंदन नीलेकणि
नंदन नीलेकणि भारत की जानी-मानी आईटी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापकों में से एक हैं। उन्होंने इंफोसिस में 2002 से 2007 के बीच सीईओ के तौर पर काम किया। उस दौरान वह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर भी थे। इसके बाद साल 2009 में उन्हें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का पहला अध्यक्ष बनाया गया था। नंदन नीलेकणि की अगुवाई की वजह से UIDAI की नागरिकों की पहचान प्रणाली बेहद आसान बन गई। साथ ही सरकार के लिए लोगों की पहचान का सत्यापन करना भी आसान हो गया।
इसके अलावा यूपीआई जैसे डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आगे बढ़ाने में भी नंदन का बेहद अहम योगदान रहा है। उन्होंने 2014 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। जब नंदन ने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर बेंगलुरु से लोकसभा चुनाव लड़ा, जहां उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अनंत कुमार से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद नंदन ने राजनीतिक गलियारों से मुंह मोड़ लिया।
उन्होंने समाज के सुधार के लिए आगे भी काम करना जारी रखा। इसी सिलसिले में नंदन ने 2023 में शिक्षा के सुधार के लिए आईआईटी बॉम्बे को 315 करोड़ रुपये दिए। जानकारी के लिए बता दें कि इसी कॉलेज से नंदन ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
