विश्वेश नेगी को भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है, जो जल्द ही ईरान में राजदूत की जिम्मेदारी संभालेंगे। राजदूत बनने से पहले विश्वेश नेगी विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। विश्वेश नेगी ने अपने करियर की शुरुआत 2002 में बतौर आईएफएस (IFS) अधिकारी के तौर पर की थी। उन्हें अब राजदूत नियुक्त किया गया है।

 

विश्वेश नेगी की नियुक्ति के बारे में विदेश मंत्रालय ने बताया। इसके मुताबिक, विश्वेश नेगी जल्द ही ईरान की राजधानी तेहरान में काम करेंगे। इस नियुक्ति के जरिए भारत और ईरान के रणनीतिक संबंध मजबूत करेगा। जानकारी के लिए बता दें, 28 फरवरी को जब इजरायल और ईरान के बीच सैन्य हमले हुए, तब से पश्चिम एशिया में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है।

 

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कौन हैं विश्वेश नेगी?

विश्वेश नेगी ने अपने करियर की शुरुआत इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) के तौर पर की थी। वह 2002 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं। वह वर्तमान में विदेश मंत्रालय में बतौर संयुक्त सचिव के रूप में काम कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय में काम करने से पहले विश्वेश नेगी रक्षा मंत्रालय में काम कर चुके हैं, जहां वह संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इस दौरान विश्वेश नेगी ने रक्षा कूटनीति में सराहनीय काम किया था।

 

विश्वेश नेगी ने अपने राजनयिक करियर में सराहनीय काम किया था, जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के राजनयिक विभाग में निदेशक के रूप में काम किया। जानकारी के मुताबिक, विश्वेश नेगी की नियुक्ति से पहले भारत के विदेश मंत्री ने ईरान के विदेश मंत्री से बात की थी।

 

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जयशंकर ने की ईरान के विदेश मंत्री से बात

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि उनकी फोन पर ईरान के विदेश मंत्री से बात हुई थी। इस बातचीत को लेकर जयशंकर ने कहा, 'आज शाम मेरी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बात हुई। हमने कहा कि कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर हमला नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही हमने सुरक्षा स्थिति को लेकर बातचीत की थी।'