भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिन के दौरे पर इजरायल जाएंगे। भारत सरकार ने मंगलवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। यह दौरा दोनों देशों के बीच गहरे और पुराने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा। दोनों देश मिलकर आम चुनौतियों पर बात करेंगे और अपने साझा सपने को पूरा करने के लिए प्रयासों को नई दिशा देंगे। दोनों मजबूत लोकतंत्र हैं और मजबूत साझेदारी चाहते हैं।
पीएम मोदी बुधवार को पहुंचते ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अनौपचारिक मुलाकात करेंगे। इसके तुरंत बाद वह इजरायल की संसद ‘नेसेट’ में भाषण देंगे। शाम को वह एक टेक्नोलॉजी और इनोवेशन प्रदर्शनी देखेंगे। उसके बाद नेतन्याहू उनके सम्मान में निजी डिनर का आयोजन करेंगे। गुरुवार को दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी।
यह भी पढ़ें: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रपति से क्यों मांगी माफी?
सुरक्षा समझौता होने की उम्मीद
इस दौरे से एक बड़ा अपग्रेडेड सुरक्षा समझौता होने की उम्मीद है। दोनों देश इस साल के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने की कोशिश में हैं। भारतीय सरकार के बयान में कहा गया है कि दोनों नेता भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी में हुई बड़ी प्रगति की समीक्षा करेंगे। वह विज्ञान-तकनीक, इनोवेशन, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार-आर्थिक क्षेत्र और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे कई क्षेत्रों में नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।
इजरायल अमेरिका के बीच तनाव
दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपनी राय साझा करेंगे। पीएम मोदी इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से भी मिलेंगे। वह याद वाशेम जाएंगे, जो होलोकॉस्ट (यहूदियों के नरसंहार) की याद में विश्व स्मृति केंद्र है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इजरायल और अमेरिका के बीच कुछ तनाव चल रहा है और अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। भारत ने मोदी जी के दौरे की घोषणा उनके तेल अवीव जाने से ठीक एक शाम पहले की।
पीएम मोदी का दूसरा दौरा
दौरे से पहले भारत में इजरायल के राजदूत रुवहन अज़ार ने कहा कि सुरक्षा, रक्षा और व्यापार में बड़ी प्रगति होगी। उन्होंने कहा, 'भारत और इजरायल सालों से करीब से काम कर रहे हैं और हमें इस मजबूत सहयोग पर गर्व है। लेकिन दुनिया तेजी से बदल रही है और खतरे भी बदल रहे हैं। इनसे निपटने के लिए हम अपने सुरक्षा समझौतों को अपडेट करके रक्षा संबंधों को और गहरा करेंगे। इससे हम ज्यादा संवेदनशील प्रोजेक्ट्स पर साथ काम कर सकेंगे और बेहतर समाधान ढूंढ सकेंगे।'
यह भी पढ़ें: 5 मुद्दे जिनके हल होते ही गाजा में जंग रोक देंगे बेंजामिन नेतन्याहू
उन्होंने आगे कहा, 'हमारी आर्थिक साझेदारी तेजी से बढ़ रही है। हमने द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर किए हैं और उम्मीद है कि इस साल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर भी हस्ताक्षर हो जाएंगे।' यह पीएम मोदी का इजरायल का दूसरा दौरा है। इससे पहले 2017 में वह इजरायल गए थे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच दोस्ती को नई ऊंचाई देगी।
