उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर दलित राजनीति का मुद्दा गरमाने लगा है। भारतीय जनता पार्टी के बड़े दलित चेहरों में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने 13 सितंबर को लखनऊ में आत्मसम्मान रैली का ऐलान किया है। पासी महासंघ के बैनर तले होने वाली इस रैली को लेकर सियासी निगाहें टिक गई हैं। वजह सिर्फ रैली नहीं, बल्कि कौशल किशोर के हालिया तेवर और उनके सोशल मीडिया पर किए गए संकेत भी हैं। अब चर्चा यह है कि कौशल किशोर भारतीय जनता पार्टी में रहकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे या आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि उनके बेटे विकास किशोर इस बार चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि विकास पार्टी में लगातार काम कर रहे हैं और अनुसूचित जाति मोर्चे में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। टिकट पर अंतिम फैसला भारतीय जनता पार्टी को करना है। कौशल किशोर ने साफ किया कि वह और उनकी पत्नी इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे।
कौशल किशोर का सियासी प्रभाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी जयदेवी कौशल भारतीय जनता पार्टी की विधायक हैं। ऐसे में कौशल किशोर के तेवरों का असर सिर्फ व्यक्तिगत राजनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा।मोहनलालगंज क्षेत्र में पासी समाज की मजबूत मौजूदगी के कारण 13 सितंबर की रैली पर भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ विपक्ष की भी नजर है।
मंच से बड़ा संदेश देने की तैयारी
कौशल किशोर की प्रस्तावित आत्मसम्मान रैली 13 सितंबर को लखनऊ के दुबग्गा स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर सुबह 10 बजे होगी। रैली पासी महासंघ के बैनर तले आयोजित की जा रही है। कौशल किशोर ने इसे केवल व्यक्तिगत सम्मान का कार्यक्रम न बताते हुए सामाजिक और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों से भी जोड़ा है। उनका कहना है कि संविदा और आउटसोर्सिंग की व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के आत्मसम्मान का सवाल भी उठाया जाएगा। उन्होंने संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म करने की मांग उठाई है। रैली को पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांतों को समर्पित बताया गया है।
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मलिहाबाद के बाद अब लखनऊ में बड़ा शक्ति प्रदर्शन
कौशल किशोर की सक्रियता की पृष्ठभूमि में मलिहाबाद की पिछली स्वाभिमान रैली का विवाद भी अहम है। कौशल किशोर ने आरोप लगाया था कि उनके कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाया गया और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कदम उठाए गए। मलिहाबाद को बसाने वाले मल्ही पासी के ऐतिहासिक गेट को लेकर भी वह अपनी विधायक पत्नी जयदेवी कौशल के साथ आंदोलन कर चुके हैं।यही वजह है कि अब 13 सितंबर की रैली को केवल एक सामाजिक आयोजन के बजाय पासी समाज के बीच राजनीतिक ताकत दिखाने के मंच के तौर पर भी देखा जा रहा है।
‘गेंद जितनी ऊपर जानी थी चली गई... अब नीचे आ रही है’
कौशल किशोर के एक बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, 'आज मेरे एक मित्र से बात हो रही थी तो उन्होंने कहा कि गेंद जितनी ऊपर जानी थी चली गई, अब नीचे आ रही है। नीचे आने की स्पीड भी बढ़ती जाती है। गेंद के गिरने की स्पीड को कोई कम नहीं कर सकता है।'
कौशल किशोर ने इस पोस्ट में किसी नेता या संगठन का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके हालिया बयानों और पार्टी में अपनी अनदेखी की शिकायतों के बीच इसे लेकर सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
संगठन से नाराजगी खुलकर आई सामने
कौशल किशोर ने संगठन के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पार्टी के जमीनी और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की कई जगह सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संगठन अपने मूल सिद्धांतों और विचारधारा से भटकता है तो उसका पतन तय होता है। उनके इन बयानों को भारतीय जनता पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
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BJP छोड़ने की चर्चा लेकिन वजह साफ नहीं
कौशल किशोर के बयानों के बाद उनके भारतीय जनता पार्टी छोड़ने और समाजवादी पार्टी का रुख करने की अटकलें जरूर तेज हुई हैं। अभी तक उन्होंने किसी दूसरी पार्टी में जाने की घोषणा नहीं की है। उन्होंने खुद को भारतीय जनता पार्टी में बताया है और पार्टी से अलग होने का स्पष्ट ऐलान नहीं किया है। ऐसे में 13 सितंबर की आत्मसम्मान रैली कई सवालों का जवाब दे सकती है। क्या यह भारतीय जनता पार्टी के भीतर रहते हुए कौशल किशोर की ताकत का प्रदर्शन होगा? क्या पासी समाज के मंच से पार्टी नेतृत्व को कोई बड़ा संदेश दिया जाएगा? रैली के बाद कौशल किशोर के अगले राजनीतिक कदम को लेकर तस्वीर साफ होगी?फिलहाल इतना तय है कि ‘गेंद नीचे आ रही है’ वाले बयान और 13 सितंबर की आत्मसम्मान रैली ने लखनऊ से लेकर मोहनलालगंज तक सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
