तृणमूल कांग्रेस से बगावत करके NCPI की बनी नई नवेली सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मंगलवार को दिल्ली में पूर्व सीएम ममता बनर्जी को लेकर बड़ा बयान दिया। मॉनसून सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली आईं काकोली घोष ने ममता बनर्जी के पार्टी बदलने को लेकर हमला किया।
खुद तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर NCPI में शामिल हुईं काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि ममता बनर्जी ने खुद कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। इसलिए उन्होंने पार्टी बदलना उन्हीं से सीखा है।
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ममता NDA और UPA दोनों में मंत्री बनीं
काकोली ने कहा, 'जब उन्होंने अपनी जिंदगी शुरू की थी, तो ममता बनर्जी इंडियन नेशनल कांग्रेस में थीं। 1998 में वह तृणमूल में चली गईं। उसके बाद, 2004 में वह NDA के साथ जाकर मंत्री भी बनीं। उसके बाद, वह फिर कांग्रेस में आईं और UPA में मंत्री बनीं। तो अगर हमारे नेता इधर-उधर ऐसे ही करते रहेंगे तो हम उनसे क्या सीखते हैं?'
काकोली घोष ने कब और कैसे की बगावत?
काकोली घोष वही नेता हैं जिन्होंने सबसे पहले टीएमसी में बगावत की थी। उन्होंने ही बगावत करने वाले सांसदों का नेतृत्व किया था। इसी साल 25 मई को उन्होंने सबसे पहले टीएमसी के बरासात जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय उन्होंने पार्टी की कार्यप्रणाली और चुनावी रणनीति बनाने वाली I-PAC की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
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अगले दिन 27 मई को उन्होंने टीएमसी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया। हालांकि उस समय उन्होंने कहा था कि वह टीएमसी की सदस्यता नहीं छोड़ रही हैं और लोकसभा सांसद बनी रहेंगी। मगर, बाद में उन्होंने टीएमसी को छोड़ दिया और NCPI में शामिल हो गईं।
