पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अगस्त के आखिर में अमृतसर का दौरा कर सकते हैं। यह दौरा ऐसे समय में होने जा रहा है, जब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खेमेबाजी खुलकर सामने आ गई है और चन्नी गुट लगातार राजा वडिंग को प्रधान के पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी अमृतसर पहुंचने पर स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है लेकिन अभी तक कांग्रेस पार्टी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
राहुल गांधी का यह दौरा चुनाव से पहले कांग्रेस को एकजुट करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। उनकी यात्रा से पहले पार्टी हाईकमान लगातार अलग-अलग गुटों के नेताओं से बातचीत कर रहा है। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल पंजाब कांग्रेस के नाराज नेताओं से बैठक कर रहे हैं और राहुल गांधी ने भी अपनी टीम को ग्राउंड की असली तस्वीर उनके सामने पेश करने के लिए भेज दिया है।
यह भी पढ़ें: 'कैब में मुझे दिखा रहा गंदी वीडियो...', महिला ड्राइवर ने खोली पोल, फिर जो हुआ
क्या झुकेंगे राहुल गांधी?
पंजाब कांग्रेस में जारी बगावत राहुल गांधी के लिए एक बड़ी चुनौती है। राहुल गांधी पहले ही पंजाब कांग्रेस की टीम बना चुके हैं लेकिन उनकी ही टीम एकजुट होकर काम नहीं करना चाहची। पूर्व सीएम चरनजीत सिंह चन्नी का गुट प्रधान की कुर्सी पर बैठना चाहता है लेकिन राहुल का भरोसा राजा वडिंग पर है। राहुल गांधी ने पंजाब के अपने पिछले दौरे में मंच से तमाम नेताओं को साफ शब्दों में कहा था कि सबको मिलकर एक टीम के रूप में काम करना होगा और जो टीम में काम नहीं करेगा उसे पार्टी घर बैठा देगी। इस चेतावनी के बावजूद चन्नी गुट ने बगावत की और अब राहुल को मजबूर कर अपना फैसला मनवाने की कोशिश है लेकिन बताया जा रहा है कि राहुल गांधी झुकने को तैयार नहीं हैं।
कई बड़े नेता हाईकमान तक पहुंचे
विवाद को सुलझाने के लिए कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने कई नेताओं से मुलाकात की है। चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, धर्मवीर गांधी, शेर सिंह घुबाया और राणा गुरजीत सिंह जैसे नेताओं ने वेणुगोपाल से मुलाकात कर अपनी बात रखी है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल भी राज्य के राजनीतिक हालात पर अपनी रिपोर्ट हाईकमान को दे चुके हैं।
इसी बीच 12 अगस्त को पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने संसद परिसर में राहुल गांधी से मुलाकात की और इस दौरान केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। इससे एक दिन पहले दिल्ली में सुखजिंदर सिंह रंधावा के आवास पर चन्नी, बाजवा, शेर सिंह घुबाया और विधायक राणा गुरजीत सिंह व परगट सिंह की बैठक हुई थी। नेताओं ने तय किया कि पंजाब की मौजूदा स्थिति से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया जाए। पंजाब कांग्रेस के 15 विधायकों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि राहुल गांधी इन विधायकों से कब मुलाकात करेंगे।
कांग्रेस के कार्यक्रमों में हुआ था हंगामा
कांग्रेस का ‘हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ अभियान भी इस खेमेबाजी से अछूता नहीं रहा। 31 जुलाई से 8 अगस्त तक चले अभियान के पहले चरण में कई कार्यक्रमों में नारेबाजी और अव्यवस्था देखने को मिली। इसके बाद दोआबा और माझा में अभियान के दूसरे चरण को 25 अगस्त तक रोक दिया गया है। माना जा रहा है कि इसका अगला चरण राहुल गांधी के पंजाब दौरे के आसपास शुरू हो सकता है।
यह भी पढ़ें: BJP के सांसद, ममता सरकार ने दिया था बंग विभूषण, अब कहां फंस गए अनंत महाराज?
बस यात्रा की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पंजाब कांग्रेस यानी पीसीसी राहुल गांधी की यात्रा के दौरान एकजुटता का संदेश देने के लिए एक बस यात्रा करना चाहती है। यानी एक ही बस में तमाम नेताओं को ले जाकर माथा टेका जाए लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके साथ ही चन्नी गुट इसके लिए राजी होगा या नहीं यह भी बड़ा सवाल होगा। चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए गुटबाजी खत्म करना बड़ी मुश्किल बना हुआ है।
