राजस्थान में निकाय के चुनाव आ चुके हैं। सोमवार को वोटों की गिनती के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने हिस्से की जीत ढूंढ ली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पिछले तीन बार के चुनाव की तुलना करके अपना प्रदर्शन अच्छा बता रहे हैं तो बीजेपी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी जीत से गदगद हैं। इसके इतर कांग्रेस के साथ-साथ बीजेपी के दिग्गजों के गढ़ में जो नतीजे आए हैं उनसे सबके पैरों तले जमीन खिसकी हुई नजर आ रही है।

 

कुल 309 नगर निकायों के 10244 वार्ड में चुनाव के नतीजे आए हैं। इनमें से 4179 में बीजेपी और 3613 में कांग्रेस को जीत मिली है। निर्दलीयों ने 2273 वार्ड जीतकर इन दोनों के समीकरण खराब कर दिए हैं। अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी को कुल 42 वार्ड में जीत मिली है। वहीं, सीपीएम ने 38 और हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने कुल 63 वार्ड में जीत हासिल की है। बीजेपी ने ज्यादा सीटें जीती हैं इसलिए वह खुश है। 

 

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कांग्रेस के दिग्गजों का क्या हुआ?

 

गोविंद सिंह डोटासरा: प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ विधानसभा सीट से 4 बार के विधायक हैं। इसी लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं। यहां कांग्रेस को सिर्फ 4 वार्ड में और बीजेपी को 6 वार्ड में ही जीत मिली है। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 14 वार्ड में जीत हासिल की है। एक सीट पर आरएलपी को जीत मिली है। हालांकि, सीकर जिले की बात करें तो जिला परिषद में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिल गया है। जिले के कुल 14 निकायों में से सिर्फ 2 ही ऐसे हैं जहां कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है। बाकी के कुछ निकायों में उसे निर्दलीयों की मदद की जरूरत पड़ेगी।

अशोक गहलोत: पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत जोधपुर से आते हैं। इस जिले की नगर निगम यानी जोधपुर नगर निगम में भी कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। 100 में से 44-44 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस को जीत मिली है। 10 सीटों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की है और अब उनकी मदद से ही बोर्ड बन पाएगा। बाकी के 6 नगर पालिकाओं की बात करें तो 3 में बीजेपी और 2 में कांग्रेस को बहुमत मिला है। एक में किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है।

 

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टीकाराम जूली: टीकाराम जूली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उनके क्षेत्र में आने वाली बहादुरपुर नगर पालिका के 25 में से सिर्फ 8 वार्ड में कांग्रेस को और 11 वार्ड में बीजेपी को जीत मिली है। मालाखेड़ा में 20 में से 9 पर कांग्रेस जीती है लेकिन यहां भी वह बहुमत से दूर ही है। अलवर के कुल 12 नगर निकायों में से सिर्फ एक ही नगर पालिका ऐसी है जहां कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है।   

 

सचिन पायलट: सचिन पायलट अब भले ही राज्य की राजनीति से दूर हों लेकिन कहा जाता है कि वह अपना आखिरी लक्ष्य राजस्थान के मुख्यमंत्री की कुर्सी को ही देखते हैं। अब उनके शहर टोंक की नगर परिषद में कांग्रेस को शानदार जीत मिली है। 59 में से 32 वार्ड जीतकर कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल की है। बाकी की 9 नगर पालिकाओं में से एक में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत है। पांच नगरपालिकों में बीजेपी ने जीत हासिल की है।

BJP के दिग्गजों के गढ़ में क्या हुआ?

कांग्रेस ही नहीं, बीजेपी के दिग्गजों के इलाकों में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति देखने को मिली है। सांसद और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी जोधपुर से ही आते हैं। वहां भी बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही बहुमत से दूर रह गए। इसके अलावा, भूपेंद्र यादव जिस अलवर से सांसद हैं वहां भी बीजेपी को बहुमत नहीं मिला।

 

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वसुंधरा राजे के झालावाड़ की 46 में से 29 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है और बीजेपी को मुंह की खानी पड़ी है। अर्जुन राम मेघवाल के बीकानेर में तो कांग्रेस को बहुमत मिल गया है। इसी के आधार पर कांग्रेस दावा कर रही है कि बीजेपी से लोग नाराज हैं और उसे हराना चाहते हैं।