भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी के प्रवक्ता पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। कुछ दिन पहले भी उनके इस्तीफे की खबर आई थी। शहजाद पूनावाला ने अब बताया है कि पार्टी ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार करने से इनकार किया और इस पर फिर से विचार करने को कहा था लेकिन उन्होंने पार्टी छोड़ना का फैसला लिया है। उनका कहना है कि वह पार्टी छोड़ रहे हैं लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं यानी वह आगे भी बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दृष्टिकोण का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने बताया है कि अब वह प्राइवेट सेक्टर में काम करने जा रहे हैं।
कुछ दिनों पहले शहजाद पूनावाला के इस्तीफे की खबर तब आई थी जब उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में बदलाव करके बीजेपी का नाम हटा दिया था। हालांकि, तब शहजाद पूनावाला ने इस पर कोई साफ जवाब नहीं दिया था। अब उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपने इस्तीफे की प्रति अपलोड ही है। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत बीजेपी के तमाम वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद दिया है।
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शहजाद पूनावाला ने क्या वजह बताई?
शहजाद पूनावाला ने जो चिट्ठी सोशल मीडिया पर पोस्ट की है वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को संबोधित की गई है। इसमें उन्होंने लिखा है, 'कृपया 30 जुलाई के मेरे पत्र के संदर्भ में ही इसे पढ़ें। उस पत्र में मैंने आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण बीजेपी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बिना किसी शर्त के कारण त्यागपत्र देने की पेशकश की थी। यह मेरे लिए भावुक करने वाला था कि पार्टी ने मेरे त्यागपत्र को तुरंत स्वीकार करने से इनकार कर दिया और मुझसे पुनर्विचार करने का अनुरोध कर दिया। दीर्घ विचार-विमर्थ और गंभीर मनन के बाद मैंने अंतिम निर्णय लिया है कि मैं राष्ट्रीय प्रवक्ता के अपने पद और बीजेपी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होने का निर्णय लेना चाहता हूं।'
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उन्होंने लिखा है, 'पिछले कुछ दिनों की घटनाओं, जिन व्यक्तियों के बारे में मैंने आपको विस्तार से बताया है, ने मुझे अपने पूर्व निर्णय पर दृढ़ रहने के लिए बाध्य किया है।' उन्होंने तमाम वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद देते हुए लिखा है कि अब वह बेहद जरूरी आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण निजी क्षेत्र में प्रवेश करेंगे लेकिन जहां भी संभव होगा और चाहे जिस भी स्वरूप में संभव हो, मैं प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के दृष्टिकोण और कार्यों का समर्थन करता रहूंगा। शहजाद का कहना है कि वह पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं।
