भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जयपुर नगर निगम चुनाव में 8 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। यह फैसला इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि पार्टी ने 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान में कोई मुस्लिम उम्मीदवार नहीं उतारा था। 

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के चुनाव 9 और 11 सितंबर को होने हैं। नतीजे 14 सितंबर को आएंगे। मेयर का चुनाव उसके एक हफ्ते बाद होगा। नगर निगम चुनाव 2020 में भारतीय जनता पार्टी ने सिर्फ एक मुस्लिम उम्मीदवार उतारा था। वह शबाब जहां थीं। वह चुनाव में हार गईं थीं। इस बार पार्टी ने उन्हें फिर से वार्ड 117 से टिकट दिया है।
 

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कौन हैं 8 मुस्लिम उम्मीदवार, जिन पर बीजेपी ने भरोसा जताया

  • शबाब जहां, वार्ड नंबर 117
  • अफसाना, वार्ड नंबर 146
  • मीजान मिर्जा, वार्ड नंबर 136
  • रहीस मंसूरी, वार्ड नंबर 137
  • माजिद पठान, वार्ड नंबर 128
  • फरीउद्दीन, वार्ड नंबर 113
  • जाकिर खान, वार्ड नंबर 109
  • शहनवाज अंसारी, वार्ड नंबर 19

चुनाव कब हैं?

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जयपुर के लिए 146 उम्मीदवारों की सूची जारी की। कांग्रेस ने उस दिन तक अपनी सूची नहीं जारी की थी। भारतीय जनता पार्टी ने जोधपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर के नगर निगम चुनावों के लिए भी उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी का कहना है कि वह स्थानीय विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी।

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BJP ने मुस्लिम उम्मीदवारों पर क्यों भरोसा जताया?

इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि उम्मीदवार चुनते समय इलाके के वोटरों को देखा गया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वोटर विकास के काम देखकर वोट देंगे और पार्टी को अच्छा नतीजा मिलेगा।

कौन हैं शबाब जहां?

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक शबाब 15 साल से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और इलाके में काम करती रही हैं। उनके पति अब्दुल अजीज भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि मुसलमानों को प्रधानमंत्री मोदी से कोई दिक्कत नहीं है। उनका चुनाव मुख्य रूप से वार्ड की सड़क, पानी और सफाई जैसे मुद्दों पर लड़ा जाएगा। माजिद पठान का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का फायदा मुस्लिम परिवारों को भी मिला है। इसलिए लोग स्थानीय मुद्दों पर वोट देंगे।

कांग्रेस ने क्या कहा है?

कांग्रेस का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रही है। एक कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी को आमतौर पर मुस्लिम विरोधी माना जाता है, इसलिए वह अब नरम दिखना चाहती है। इस बार दोनों पार्टियों ने उम्मीदवारों की सूची देर से जारी की। नाम फोन पर बताए गए और उम्मीदवारों को नामांकन केंद्र पर भेजा गया। भारतीय जनता पार्टी ने यह तरीका इसलिए अपनाया ताकि अंदरूनी झगड़ा न हो और नाराज लोग स्वतंत्र उम्मीदवार बनकर चुनाव न लड़ें।

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बीजेपी का महिला वाला दांव क्या है?

जयपुर में भारतीय जनता पार्टी ने 52 महिला उम्मीदवार भी उतारी हैं। पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को मौका दिया गया है। वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आईं हैं। वह वार्ड 110 से लड़ रही हैं। मौजूदा मेयर कुसुम यादव की जगह वार्ड 112 से प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कोठारी को टिकट दिया गया है। उन्हें मेयर पद का दावेदार माना जा रहा है।