आज से शारदीय नवरात्र पर्व की शुरुआत हो चुकी है, जब लाखों भक्त दुर्गा मां की आराधना कर रहे हैं। साथ ही, कई लोग देवी मां के प्रसिद्ध मंदिरों में जाकर पूजा-पाठ कर रहे हैं। इस पर्व को लेकर सबसे रोचक बात यह है कि इस त्योहार में सिर्फ आम पूजा-पाठ नहीं किया जाता है, बल्कि इस दौरान तंत्र पूजा भी की जाती है, जिसमें भक्त देवी के अलग-अलग स्वरूपों की मंत्र जाप के जरिए आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तंत्र पूजा के जरिए लोगों की हर मनोकामना जल्द ही पूरी हो जाती है। हालांकि, तंत्र पूजा के दौरान गलती करने से लोगों को बचना चाहिए।

 

इस साल 11 से लेकर 19 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्र त्योहार मनाया जाएगा। इसके बाद 20 अक्टूबर को विजयदशमी मनाई जाएगी। इस दौरान कई भक्त तंत्र पूजा पद्धति से देवी मां के रूपों की उपासना करेंगे। तंत्र पूजा में मुख्य रूप से आदिशक्ति काली से लेकर मां कमला की उपासना की जाती है।

 

यह भी पढ़ें: शारदीय नवरात्रि में पहली बार रख रहे हैं व्रत? ये सावधानियां जरूरी हैं

क्या हैं 10 महाविद्याएं?

धार्मिक जानकारों के मुताबिक, 10 महाविद्याओं में भक्त दुर्गा मां के 10 रूपों की उपासना करते हैं, ताकि उनके जीवन के दुख-दर्द और चुनौतियां खत्म हो जाएं। इसमें खास तौर पर मंत्र जाप के जरिए देवी मां की उपासना की जाती है। माना जाता है कि मां कमला की उपासना करने से व्यक्ति को जीवन में भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।

 कैसे मिलेगी 10 महाविद्याओं की कृपा?

 आदिशक्ति काली

 

 धार्मिक जानकारों के अनुसार, 10 महाविद्याओं में आदिशक्ति काली पहली देवी हैं। उनकी कृपा पाने के लिए लोगों को 'ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा' मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र का जाप रात को लाल रंग के आसन पर बैठकर करें। माना जाता है कि इस मंत्र के जाप से शत्रुओं का नाश होता है।

 

यह भी पढ़ें:  नवरात्रि के पहले दिन किन लोगों को मिलेगा शैलपुत्री का आशीर्वाद, पढ़ें राशिफल

 

 मां तारा

 

मां तारा के आशीर्वाद से लोगों को अपने जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। मां तारा की आराधना के लिए 'ॐ ऐं ओं क्रीं क्रीं हूं फट्' मंत्र का जाप करना चाहिए।

 

मां षोडशी महाविद्या

 

यह महाविद्याओं का तीसरा रूप है। इनकी साधना करियर में सफलता पाने के लिए की जाती है, जिसके लिए भक्तों को 'श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौः ॐ ह्रीं क्रीं क ए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौः ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नमः' मंत्र का जाप करना होगा।

 

यह भी पढ़ें: नवरात्रि: देवी की आराधना में तंत्र पूजा का महत्व क्या है, क्यों है यह मंगलकारी?

 

मां भुवनेश्वरी

 

इनकी साधना करने से लोगों को न सिर्फ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है, बल्कि इनकी साधना से व्यक्ति खुद को वशीकरण से भी बचा सकता है। मां भुवनेश्वरी की उपासना के लिए भक्तों को 'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौः भुवनेश्वर्यै नमः' या 'ह्रीं' मंत्र का जाप करना चाहिए।

 

 मां छिन्नमस्ता

 

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन लोगों की कोई संतान नहीं है या जो लोग आर्थिक तंगी से परेशान हैं, उन्हें मां छिन्नमस्ता की आराधना करनी चाहिए। इनकी उपासना के लिए मूल मंत्र 'श्री ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनिये हूं हूं फट् स्वाहा' है।

 

यह भी पढ़ें: बंगाल में दुर्गा पूजा में खास है महालया, चक्षु दान और पाड़ साड़ी, परंपरा समझिए

 

मां त्रिपुर भैरवी

 

जो लोग गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें मां त्रिपुर भैरवी की साधना करनी चाहिए। इनकी आराधना के लिए 'हसैं हसकरी हसैं' मंत्र का जाप किया जाता है। मान्यता है कि इस मंत्र के प्रभाव से न सिर्फ रोगों से मुक्ति मिलती है, बल्कि आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।

 

 मां धूमावती

 

यह सातवीं महाविद्या हैं। इनकी साधना से परिवार में जमीन-जायदाद के झगड़े खत्म होते हैं। साथ ही, लोगों को धन लाभ का सुख मिलता है। इनकी साधना के लिए 'धूं धूं धूमावती ठः ठः' मंत्र का जाप किया जाता है।

 

यह भी पढ़ें: Shardiya Navratri: 10 या 11 अक्टूबर कब से शुरू होंगे नवरात्र? नोट करें तिथि

 

 मां बगलामुखी

 

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां बगलामुखी के मंत्र जाप से लोगों को कोर्ट-कचहरी के मामलों में जीत मिलती है। बगलामुखी जी का खास मंत्र 'ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिह्वां कीलय, बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा' है।

 

मां मातंगी

 

जिन लोगों की लंबे समय से शादी नहीं हो रही है, इसके अलावा जिन लोगों का गृहस्थ जीवन खुशहाल नहीं है, उन्हें मां मातंगी के मंत्र 'श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा' का जाप करना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: दुर्गा के 10 हाथों में चक्र से लेकर धनुष-बाण तक, किन देवताओं ने दिए हैं?

 

 मां कमला

 

आज के दौर में कई लोग अपने भौतिक सुख बढ़ाना चाहते हैं। धन-संपत्ति और भौतिक सुख बढ़ाने के लिए लोगों को 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।