सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व बेहद खास माना जाता है। इस पर्व में देवी मां के नौ स्वरूपों की स्तुति की जाती है। इसी तरह नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की विधिवत पूजा-पाठ की जाती है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, मां कात्यायनी ने महिषासुर से युद्ध किया था। इस वजह से उन्हें शक्ति, साहस और अन्याय के खिलाफ युद्ध करने वाली देवी के स्वरूप में माना जाता है। इसके साथ ही माना जाता है कि जब भक्त पूजा-पाठ करते हैं, तो उन्हें मां के आशीर्वाद से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि देवी मां की आराधना करने से भक्तों के सभी पाप मिटते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मां कात्यायनी को शहद बेहद पसंद है, इस वजह से उन्हें शहद का भोग लगाना चाहिए। अब सवाल उठता है कि मां कात्यायनी की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है।
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कैसे करें पूजा?
शुक्रवार को सुबह-सुबह उठकर स्नान करें, फिर लाल रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि यह मां कात्यायनी का पसंदीदा रंग माना जाता है। इसके बाद अपने घर के पूजा स्थान को साफ कर लें। फिर पूरा परिवार मिलकर मां दुर्गा की पूजा करे। पूजा के दौरान मां कात्यायनी की प्रतिमा को गेंदे के फूलों की माला पहनाएं और देवी मां के समक्ष गुड़हल के फूल अर्पित करें। पूजा और आरती के बाद भक्तों को 108 बार मंत्र का जाप करना चाहिए।
मां कात्यायनी के मंत्र
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।
या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
वन्दे वांछित मनोरथार्थ चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
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क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त?
16 अक्टूबर को चार ऐसे मुहूर्त हैं, जब भक्तों को दुर्गा मां के सुंदर स्वरूप की उपासना करनी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ मुहूर्त के दौरान पूजा-पाठ करने से भक्तों को देवी मां का आशीर्वाद मिलता है।
अभिजीत मुहूर्त:सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5 बजकर 51 मिनट से शाम 6 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
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मां कात्यायनी के 3 प्रसिद्ध मंदिर
1. बिहार
मां कात्यायनी का एक खास मंदिर बिहार के खगड़िया जिले में है, जहां नवरात्रि के छठे दिन बड़ी तादाद में लोग आएंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सती की भुजाएं यहीं गिरी थीं। जिन लोगों की शादी में रुकावट आती है, उन्हें इस मंदिर के दर्शन करने चाहिए।
2. उत्तर प्रदेश
वृंदावन में मां कात्यायनी का उमा शक्ति पीठ मंदिर है। मान्यता है कि यहीं पर मां सती के बाल गिरे थे। इसके साथ ही धार्मिक मान्यता के अनुसार, वृंदावन की गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण को पति के रूप में पाने के लिए देवी की आराधना की थी।
3. दिल्ली
छतरपुर में देवी कात्यायनी का प्रसिद्ध मंदिर है, जहां दिल्ली और देशभर से लाखों लोग दर्शन करने जाते हैं, ताकि देवी मां का आशीर्वाद उन पर बना रहे।
नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।
