अजीत अगरकर का भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से नाता खत्म हो गया है। पूर्व तेज गेंदबाज अगरकर अब टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर के पद पर नहीं हैं। उनका कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होना था लेकिन समय से पहले ही उनकी विदाई हो गई है। पूर्व खब्बू स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अंतरिम चीफ सेलेक्टर बनाया गया है। ओझा ने मंगलवार (29 सितंबर) को गुवाहाटी में हुई सेलेक्शन कमिटी की मीटिंग को हेड किया।
अगरकर ने जुलाई 2023 में सेलेक्शन कमिटी की बागडोर संभाली थी। उनके 3 साल के कार्यकाल में टीम इंडिया ने 3 बड़े ICC ट्रॉफी जीते। भारतीय टीम ने सबसे पहले 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतकर खिताबी सूखे को खत्म किया और फिर अगले साल चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। इसके बाद इस साल घर में अपने टी20 वर्ल्ड कप खिताब का बचाव किया। टीम इंडिया 2023 वनडे वर्ल्ड कप में अजेय रहते हुए फाइनल में भी पहुंची थी। इसके अलावा दो एशिया कप और एशियन गेम्स में गोल्ड भी आया।
अगरकर के दौर में टीम ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में नई ऊंचाइयों को छुआ तो वहीं टेस्ट क्रिकेट में कुछ संघर्ष भी करना पड़ा। भारतीय टीम को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से घरेलू टेस्ट सीरीज में शर्मनाक हार मिली। कीवी टीम ने 2024 के अंत में 3 टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय टीम का सूपड़ा साफ कर दिया था। इसके साल भर बाद साउथ अफ्रीका ने 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप किया था। भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2023-25 साइकल के फाइनल में भी नहीं पहुंच पाई थी। अगरकर के कार्यकाल में इन असफलताओं को छोड़ दें तो उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए, जिसने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदल दी है।
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अगरकर ने घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य किया
ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मिली 1-3 की करारी हार के बाद अगरकर ने कड़ फैसले लिए थे। उन्होंने हर खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट में खेलना अनिवार्य कर दिया था। जिन खिलाड़ियों को वर्कलोड मैनेज किया जाना था, उन्हें छूट थी। बाकी सभी को हर हाल में अपनी घरेलू टीमों के लिए उपलब्ध रहना था। इस कड़ाई के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज लंबे समय बाद घरेलू क्रिकेट में खेलते दिखे।
अगरकर की अध्यक्षता वाली सेलेक्शन कमिटी और बोर्ड के इस फैसले का असर ये है कि अब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट को इग्नोर नहीं करता। बोर्ड साफ कर चुका है कि जो घरेलू क्रिकेट को महत्व नहीं देंगे, टीम सेलेक्शन के समय उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा।
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रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाया
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। इससे पहले रोहित 2024 में टीम को टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बना चुके थे। 9 महीने के भीतर दो-दो ICC खिताब जीतने के बाद रोहित के सितारे बुलंदी पर थे लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी के बाद, जब टीम इंडिया अपना पहला वनडे मुकाबला खेलने उतरी तो कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में थी। अगरकर की अध्यक्षता वाली सेलेक्शन कमिटी ने भविष्य की ओर देखते हुए रोहित से कमान ले ली। शुभमन को 2027 वर्ल्ड कप से 2 साल पहले वनडे का कप्तान बना दिया गया, ताकि उन्हें टीम तैयार करने का पूरा मौका मिले।
सूर्यकुमार यादव को टीम से ही किया बाहर
बारबाडोस में 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद रोहित ने इंटरनेशनल क्रिकेट के इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया। उनके संन्यास के बाद सूर्यकुमार यादव को भारतीय टी20 टीम की कमान सौंपी गई। सूर्या की कप्तानी में टीम इंडिया अजेय बन गई। टीम ने दो साल के अंतराल में कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं गंवाया और टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब भी अपने नाम किया।
भारतीय टीम घर में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी। हालांकि इसके तुरंत बाद सूर्या से न सिर्फ कप्तानी ली गई, बल्कि उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इसकी वजह सूर्या की खराब फॉर्म थी। इस फैसले पर काफी चर्ची हुई लेकिन साथ ही अगरकर के साहस की तारीफ भी हुई।
