जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में बदतइंतजामी के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। नागोया पहुंची भारतीय रोविंग टीम को 14 घंटों तक इधर-उधर भटकना पड़ा था। लंबे इंतजार के बाद खिलाड़ियों को कमरा मिला था। अब भारतीय शूटिंग टीम ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। भारत के 30 सदस्यीय शूटिंग दल के साथ जापान पहुंचे एक सीनियर कोच ने कहा कि बंदोबस्त वैसा नहीं, जैसी इस मेजबान देश की छवि है।
शूटिंग रेंज के आस-पास कोई होटल नहीं है। ऐसे में शूटर्स को प्रैक्टिस और प्रतिस्पर्धा स्थल पर ले जाने और लाने में काफी लंबा समय लग रहा है। भारतीय शूटर्स रेंज से 50 किलोमीटर दूर अलग-अलग होटलों में रुके हुए हैं। शूटिंग टीम में डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर, एशियन गेम्स मेडलिस्ट ऐशा सिंह जैसे मेडल के कई दावेदार हैं, जिन्हें रेंज तक पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
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'बेहतर इंतजाम हो सकता था'
एशियाड और कॉमनवेल्थ गेम्स के कई एडिशन में बतौर खिलाड़ी भाग ले चुके कोच ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, 'आवागमन बड़ी समस्या है लेकिन हम क्या कर सकते हैं। शूटिंग रेंज के आसपास कोई होटल है ही नहीं। अगर होता तो हम पहले पहुंच जाते। उन्होंने हमें बड़ी दूर होटल दिया है।'
उन्होंने कहा कि नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के सामने वह यह मसला उठा चुके हैं लेकिन हाल ही में व्यक्तिगत तौर पर अधिकारियों से इस पर बात नहीं की है। कोच ने कहा, 'मेरा मानना है कि NRAI ने एशियन गेम्स के आयोजकों से इस पर बात की होगी। मैने एसोसिएशन से बात नहीं की है लेकिन इस मसले के बारे में बता दिया है।'
कोच ने यह भी कहा कि लंबी यात्रा शूटर्स के लिए नई बात नहीं है, क्योंकि रेंज अक्सर शहर से दूर ही होती है। उन्होंने कहा, 'चीन में (2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स) भी रेंज तक पहुंचने में एक घंटा लगता था लेकिन जापान तो जापान है। लिहाजा हमें बंदोबस्त से निराशा हुई है। यह बेहतर हो सकता था।'
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बसें भी समय से नहीं चल रहीं
शूटर्स को रेंज तक ले जाने वाली बसें भी देर से पहुंचीं। भारतीय शूटर्स तीन-चार होटलों में रुके हैं और नाश्ते के लिए एक होटल में इकट्ठा होते हैं, जहां से बस लेनी होती है। एक बस को 8 बजकर 40 मिनट पर रवाना होना था, जो 9 बजे के बाद गई। वहीं एक अन्य बस 9:40 पर जाने वाली थी, जो 10:30 पर निकली।
