भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने बुधवार (30 सितंबर) को चीन को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। टीम इंडिया ने पिछले एशियाड में भी इस इवेंट में खिताब जीता था। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनीपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने गोल्ड मेडल मुकाबले में चीन को 238-234 से हराकर सफलतापूर्वक अपने खिताब का बचाव किया, जिससे भारत मेडल टैली में 9वें स्थान पर आ गया है।

 

भारतीय टीम ने इस उपलब्धि के दौरान साउथ कोरिया के वर्ल्ड रिकॉर्ड की भी बराबरी की। चीन की टीम में वुनियर, यूए वांग और फांगयाओ वेई शामिल थीं। उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा। भारत ने ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को 234-233 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। साउथ कोरिया की पार्क जंगयून, पार्क येरीन और कांग योनसेओ की टीम ने ताइवान को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। 

 

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पहलवान सुनील कुमार सेमीफाइनल में हारे

भारत के ग्रीको रोमन पहलवान सुनील कुमार को 87 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें जापान के ताइजो योशिदा ने तकनीकी दक्षता के आधार पर मात दी। सुनील कुमार अब ब्रॉन्ज मेडल मैच में फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स से भिड़ेंगे। 

 

सुनील ने ताजिकिस्तान के मुहम्मद सुल्तानजोडा को तकनीकी दक्षता के आधार पर हराया था और सेमीफाइनल में जगह बनाई थी लेकिन वह योशिदा की चुनौती से पार नहीं पा सके।

 

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निशा दहिया हारीं

निशा दहिया को एक बार फिर नॉर्थ कोरिया की सोल गुम पाक के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। महिलाओं के 68 किग्रा वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में निशा ने 2-0 की बढ़त बनाई थी लेकिन सोल गुम पाक ने चार अंक का दांव लगाकर पहले पीरियड के अंत तक 4-2 की बढ़त हासिल कर ली। दूसरे पीरियड में निशा ने दो अंक लेकर स्कोर 4-4 से बराबर कर दिया। इसके बाद कोई भी पहलवान अंक नहीं बना सकी और बड़े दांव के आधार पर सोल गुम पाक को विजेता घोषित किया गया। 

 

अगर पाक फाइनल में पहुंचती हैं तो निशा के लिए रेपेचेज के जरिए मेडल की रेस में वापसी का रास्ता खुल जाएगा। निशा को पेरिस ओलंपिक के क्वार्टर-फाइनल में भी सोल गुम पाक के हाथों हार मिली थी। उस मुकाबले में निशा 8-2 से आगे थीं लेकिन कोहनी में चोट लगने के कारण मुकाबला 8-10 से गंवा बैठीं।