जापान के आइची नागोया में 20वें एशियाई खेल 2026 की आधिकारिक शुरुआत आज यानी 19 सितंबर से हो चुका हैं। भारतीय खिलाड़ी जापान पहुंच चुके हैं लेकिन एशियन गेम्स शुरू होने से पहले ही भारतीय खिलाड़ियों को जापान में बदइंतजामी का सामना करना पड़ा। गुरुवार को 35 भारतीय शूटरों का दल नागोया पहुंचा था, जहां उन्हें कमरे के लिए काफी ज्यादा मशक्कत करनी पड़ी थी। कई घंटों के इंतजार के बाद उन्हें कमरा मिल पाया।
वहीं, दूसरी ओर शुक्रवार को भारतीय शूटर राही सरनोबत को जो कमरा अलॉट हुआ था, वह होटल पहुंचने पर उपलब्ध ही नहीं मिला। बताया गया कि उस कमरे का इस्तेमाल डोप कंट्रोल के लिए किया जा रहा है, जबकि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने पहले से ही खिलाड़ियों के लिए होटल में कमरे बुक किए थे।
यह भी पढ़ें: मैच साउथ कोरिया का था, राष्ट्रगान नॉर्थ कोरिया का बजा, एशियन गेम्स में गजब कांड
राही सरनोबत के कमरा डोप कंट्रोल में बदला
दरअसल, शूटिंग टीम के कुछ सदस्य पहले तो कुछ बाद में जापान पहुंचे, खिलाड़ी राही सरनोबत भी बाद में वहां पहुंची। जब एक कोच ग्रैंड तियारा होटल में राही के कमरे की चाबी लेने पहुंचे तो होटल ने बताया कि वह कमरा अब उपलब्ध नहीं है, उसे डोप टेस्ट से जुड़ी व्यवस्था के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि IOA ने उस कमरे की पहले से बुकिंग की थी और आयोजकों के रिकॉर्ड में भी वह कमरा भारतीय टीम के नाम पर था।
एयरपोर्ट पहुंचने के बाद शूटर राही सरनोबत गलती से एक अलग होटल में पहुंच गईं, जहां उनका पासपोर्ट और एक्रेडिटेशन देखने के बाद उन्हें कमरा दिया गया। सरनोबत को पता ही नहीं चला कि वह गलत होटल में हैं, वह वहीं जाकर सो गईं। यह घटना एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा कर रही है।
सामान लेकर पैदल चले खिलाड़ी, ट्रांसपोर्ट में भी देरी
समस्या केवल होटल तक सीमित नहीं है। खिलाड़ियों को एयरपोर्ट से होटल ले जाने के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा में भी परेशानी का सामना करना पड़ा, बस घंटों के इतजार के बाद सुबह 3 बजे पहुंची। खिलाड़ियों को अपना सामान खुद उठाकर होटल तक ले जाना पड़ा। यह आसान नहीं था, क्योंकि उनके पास सामान्य सामान के अलावा शूटिंग का भारी उपकरण और जरूरी कपड़े भी थे। कुछ पुरुष खिलाड़ियों ने महिला खिलाड़ियों का भारी सामान पहुंचाने में मदद की।
इतना ही नहीं खिलाड़ी जब होटल पहुंचे तो पता चला कि 35 सदस्यों के लिए सिर्फ 7 कमरे ही उपलब्ध हैं। इसके बाद IOA को मामले में दखल देना पड़ा। बाद में दो अलग-अलग होटलों में खिलाड़ियों के लिए रहने की व्यवस्था की गई।
ट्रेनिंग में भी परेशानी
इसके अलावा, ट्रेनिंग के दौरान भी भारतीय खिलाड़ियों को काफी ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ा। खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए जाने की तैयारी की तो उन्हें सुबह 7 बजे बस से शूटिंग रेंज जाना था और 8:20 बजे पहुंचना था। यहां भी समस्या खड़ी हो गई। खिलाड़ियों के लिए सिर्फ एक बस पहुंची और कई खिलाड़ी और कोच बस के इंतजार में करीब साढ़े तीन घंटे तक खड़े रहे।
आखिरकार सुबह 10:30 बजे बस मिली और टीम दोपहर करीब 12:30 बजे शूटिंग रेंज पहुंच सकी। यानी एशियन गेम्स शुरू होने से पहले ही भारतीय शूटिंग टीम को होटल, कमरे, सामान और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
