भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगलवार (29 सितंबर) को एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में अपने-अपने भार वर्ग में जीत हासिल करके गोल्ड मेडल मुकाबलों में प्रवेश कर लिया है। वहीं नरेंदर बेरवाल (90 किग्रा प्लस) को सेमीफाइनल में हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। अनुभवी मुक्केबाज बेरवाल को कजाकिस्तान के मौजूदा सुपर हैवीवेट वर्ल्ड चैंपियन आइबेक ओरलबाय ने 5-0 से पटखनी दी। बेरवाल 2023 में चीन में हुए पिछले एशियन गेम्स में भी सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गए थे।

 

परवीन ने 65 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन के ली शू को 5-0 से हराया। इसके बाद अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान के फजलुद्दीन एरकिनबोएव को 4-1 से हराया। एरकिनबोएव 75 किलोग्राम भार वर्ग में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हैं।

 

यह भी पढ़ें: Asian Games: नीरू ढांडा के गोल्ड से भारत ने मेडल टैली में लगाई बड़ी छलांग

पिछली बार परवीन का छिन गया था मेडल

परवीन का पिछले एशियन गेम्स में जीता गया ब्रॉन्ज मेडल अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (ITA) द्वारा 22 महीने के निलंबन के बाद छीन लिया गया था। परवीन पर यह कार्रवाई अपने ठिकाने की जानकारी (व्हेयरअबाउट्स) से जुड़ी विफलता के कारण हुई थी। अब उन्होंने हांगझोऊ में अपने प्रदर्शन से आगे निकलते हुए इस एशियन गेम्स में कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है।

 

यह भी पढ़ें: Asian Games: सेमीफाइनल में भारत-श्रीलंका की टक्कर? पाकिस्तान का ये है शेड्यूल

 

परवीन दिग्गज एमसी मैरी कॉम (2014 में गोल्ड) और लवलीना बोरगोहेन (पिछले एशियाड में सिल्वर) के बाद एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज भी बन गई हैं। बता दें कि भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियन गेम्स की तुलना में अपना बेहतर प्रदर्शन कर लिया है। पिछली बार मुक्केबाजी टीम ने 4 मेडल जीते थे लेकिन आइची-नागोया में 6 मुक्केबाजों ने मेडल राउंड में प्रवेश किया है।