भारत की स्टार वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल की है। चीन की झांग शियाओयू से हार जाने के चलते वह गोल्ड मेडल जीतने से चूक गईं। एशियन गेम्स में यह उनका तीसरा मेडल है। इससे पहले वह 2018 में कांस्य और 2023 में सिल्वर मेडल जीच चुकी हैं। रोशिबिना ने यह मेडल ऐसे वक्त पर हासिल किया है जब उनके सेलेक्शन को लेकर ही सवाल उठाए जा रहे थे। उनकी किस्मत अच्छी रही कि सेलेक्शन ट्रायल में जिन दिव्यांशी चौधरी ने रोशिबिना को हराया था वह चोटिल हो गईं और फिर दिव्यांशी की जगह पर ही रोशिबिना को मौका मिल गया। 

 

महिलाओं की 60 किग्रा सांडा स्पर्धा में में रोशिबिना का मुकाबला चीन की झांग शियाओयू से था। तमाम मशक्कत के बावजूद रोशिबिना इस मैच में पिछड़ गईं और 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसका नतीजा यह हुआ कि भारत को सिल्वर मेडल मिला और वुशु में वह खाली हाथ जाने से बच गया। बता दें कि रोशिबिना मणिपुर के बिश्नूपुर की रहने वाली हैं।

 

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क्या बोले रोशिबिना के घर के लोग?

अपनी बेटी की कामयाबी पर रोशिबिना की मां ओंगबी रोमिला देवी ने कहा है, 'हम रिजल्ट से खुश नहीं थे। उसने गोल्ड मेडल के लिए तैयारी की थी लेकिन सिल्वर ही जीत पाई। हम उसके प्रदर्शन से संतुष्ट हैं। उसने पूरी कोशिश की। जब वह यहां से गई थी तब उसे फ्लू था। इसके बावजूद वह खेली और हमने भी उसका हौसला बढ़ाया।'

रोशिबिना के पिता दामू सिंह ने कहा है, 'मैं खुश हूं कि भारत ने एक मेडल जीता। 2023 में वह सिल्वर और 2018 में कांस्य जीती थी। उसने इस बार गोल्ड जीतने की उम्मीद की थी। हम खुश भी हैं कि उसने सिल्वर जीता लेकिन दुख भी है कि गोल्ड नहीं जीत पाई। मुझे गर्व है कि वह देश के लिए खुशियां ला पाई।'

एशियन गेम्स में तीसरा पदक

रोशिबिना का एशियाई खेलों में यह तीसरा पदक है। उन्होंने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीता था। 2018 के जकार्ता-पालेमबांग एशियाई खेलों में उन्हें कांस्य पदक मिला था। इस बार फाइनल तक पहुंचने के सफर में रोशिबिना ने वियतनाम की गुयेन थी थू थुई को भी हराया। गुयेन 2023 की विश्व चैंपियन रही हैं।

 

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सेलेक्शन पर क्यों हुआ था विवाद?

बता दें कि सेलेक्शन ट्रायल में युवा खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने रोशिबिना को हराया था लेकिन दिव्यांशी के चोटिल होने के बाद रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। टीम से बाहर होने के बाद दिव्यांशी ने रोशिबिना पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

 

रोशिबिना के अलावा कोई भी भारतीय वुशु खिलाड़ी पदक नहीं जीत सका। सांडा स्पर्धा में पुरुष 56 किग्रा वर्ग के आर्यन क्वार्टर फाइनल में हार गए। महिला 52 किग्रा वर्ग में अपर्णा प्री-क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गईं। पुरुष 75 किग्रा वर्ग में विक्रांत बालियान पहले ही मुकाबले में हार गए।

ताओलू खिलाड़ी भी पदक से दूर

भारत के ताओलू खिलाड़ी भी पदक दौर तक नहीं पहुंच सके। महिला नानक्वान और नानदाओ स्पर्धा में लांगलेंतोम्बी देवी हंजाबाम 18.839 अंक के साथ नौवें स्थान पर रहीं। महिला चांगक्वान स्पर्धा में नयेमान वांगसू 9.573 अंक के साथ 15वें स्थान पर रहीं। पुरुष चांगक्वान फाइनल में सूरज सिंह मायांगलामबाम ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन 11वें स्थान पर रहे।