जापान के आइची-नागोया में हो रेह एशियन गेम्स 2026 में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने कुछ ही देर के अंतराल में 2 गोल्ड जीतकर मेडल टैली में भारत की स्थिति मजबूत कर दी है। भारतीय महिला टीम ने फाइनल में चीन को हराकर अपना गोल्ड मेडल डिफेंड किया था। अब मिक्स्ड टीम ने गोल्ड जीत लिया है। साथ ही 2028 ओलंपिक कोटा भी हासिल कर लिया है।
चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव की मिक्स्ड कंपाउंड तीरंदाजी जोड़ी ने रोमांचक शूट ऑफ में साउथ कोरिया को हराकर यह कमाल किया। चिकिता और साहिल ने शानदार संयम का परिचय देते हुए रोमांचक फाइनल में साउथ कोरिया की जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू को शूट ऑफ के बाद 158-157 से हराकर गोल्ड पर कब्जा जमाया। भारतीय मिक्स्ड टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 से हराकर गोल्ड मेडल के मुकाबले में प्रवेश किया था।
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महिला टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर झटका गोल्ड
इससे पहले भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को 238-234 से हराकर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले स्कोर के साथ एशियाड में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता और पृथिका प्रदीप की भारतीय टीम ने फाइनल में दबदबा कायम रखते हुए साउथ कोरिया के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। साउथ कोरिया ने 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में यह स्कोर बनाया था।
चीन की टीम में वुनियर, यूए वांग और फांगयाओ वेई शामिल थीं, जिन्होंने सिल्वर से संतोष करना पड़ा। भारतीय तिकड़ी ने सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को 234-233 से हराकर फाइनल में एंट्री ली थी। साउथ कोरिया की पार्क जंगयून, पार्क येरीन और कांग योनसेओ की टीम ने ताइवान को हराकर ब्रॉन्ज जीता। फाइनल में भारतीय तिकड़ी ने शानदार शुरुआत की और लगातार परफेक्ट-10 के निशाने लगाते हुए पहला चरण 60-58 से अपने नाम किया।
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डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय टीम ने दबदबा जारी रखते हुए दूसरा चरण भी 60-58 से जीता और अपनी बढ़त बढ़ाई। इसके बाद अंतिम चरण से पहले भारत कुल 178-176 से आगे था। दबाव में चीन की टीम ने दो बार नौ अंक हासिल किए, जबकि भारत ने छह परफेक्ट-10 के साथ एक और शानदार चरण पूरा किया। इस तरह भारतीय टीम ने न केवल अपना खिताब बरकरार रखा बल्कि वर्ल्ड रिकॉर्ड की भी बराबरी की।
