भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के तारीखों में फेरबदल की तैयारी कर ली है। BCCI देश के अधिकांश हिस्सों में मई में पड़ने वाली भीषण गर्मी से बचने के लिए IPL को अगले साल से 10 मार्च से 15 मई तक आयोजित करने पर विचार कर रहा है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने गुरुवार (18 जून) को न्यूज एजेंसी PTI को यह जानकारी दी। इस साल IPL 28 मार्च से 31 मई तक चला था। सैकिया ने यह भी कन्फर्म किया कि मैचों की संख्या अभी 74 ही रहेगी और इसे बढ़ाकर 94 नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि IPL को जल्दी शुरू करने से खिलाड़ी ही नहीं दर्शकों को भी फायदा होगा।
खिलाड़ियों से मिली शिकायत के बाद हरकत में आया BCCI
सैकिया ने कहा, 'इस साल IPL 29 (28) मार्च को शुरू हुआ और 31 मई तक चला। हम इस पर चर्चा कर रहे हैं कि कि 15 मई के बाद टूर्नामेंट के अंतिम चरण में मौसम को लेकर दिक्कतें आतीं हैं। खासकर कुछ इलाकों में बारिश या प्री-मानसून सीजन शुरू होने की आशंका रहती है, या फिर दूसरी तरफ गर्मी भी है, जो न तो खिलाड़ियों के लिए और न ही दर्शकों या फैंस के लिए बहुत अच्छा होता है। तो BCCI और हमारी IPLGC में इस बात पर चर्चा चल रही है कि क्या हम टूर्नामेंट को मार्च के आखिर से थोड़ा पहले शुरू कर सकते हैं? अगले साल से हम कोशिश करेंगे।'
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उन्होंने आगे कहा, 'मैंने हमारे गेम्स डेवलपमेंट के जनरल मैनेजर को निर्देश दिया है कि वे ऐसी तारीखें देखें, जिनसे हम इसे 10 मार्च तक शुरू कर सकें और 15 मई तक खत्म कर सकें। ऐसा इसलिए ताकि IPL 2027 के प्लेऑफ और फाइनल के समय मौसम खराब न हो।'
BCCI सचिव ने कहा कि उन्हें IPL मैचों के दौरान भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में गर्मी को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ फैंस से भी शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे फैंस के साथ-साथ खिलाड़ियों से भी बहुत सारी शिकायतें सुनने को मिल रही हैं, क्योंकि सभी खिलाड़ी इतनी गर्म परिस्थितियों में खेलने के आदी नहीं हैं।' सैकिया ने कहा, 'इसलिए हम इसे 15 मई तक समाप्त करना चाहते हैं। यह अब हमारा पहला लक्ष्य है।'
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नहीं बढ़ेगी मैचों की संख्या
सैकिया ने कहा कि मैचों की संख्या बढ़ाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, 'फिलहाल यह संभव नहीं है क्योंकि हमें अलग-अलग देशों से आने वाले खिलाड़ियों से संबंधित कई अन्य मामलों पर विचार करना होगा। बड़ी मुश्किलों के बाद हमें यह दो महीने का विंडो मिला है।'
उन्होंने आगे कहा, 'दो महीने से आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल होगा,क्योंकि अन्य देशों को भी बाइलेटरल मैच खेलने होते हैं। इसलिए इस समय मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने के बारे में किसी तरह की चर्चा नहीं हो रही है। आने वाले सालों में स्थिति क्या होगी यह मैं नहीं जानता लेकिन फिलहाल मुझे मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने की कोई संभावना नजर नहीं आती, क्योंकि इसके लिए न केवल भारत, बल्कि ICC मेम्बर्स में खासकर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा।'
