अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस 20 जुलाई को मनाया गया। इसके पांच दिन बाद ही केंद्र सरकार ने देश के युवाओं और अगली पीढ़ी में रणनीतिक चिंतन, तार्किक विश्लेषण, दूरदृष्टि, धैर्य, एकाग्रता और विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता के विकास के लिए चेस प्लस (Chess+) टूर्नामेंट करवाने जा रही है। केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने शनिवार को घोषणा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के बाद सरकार 'चेस प्लस' पहल के लॉन्च की घोषणा कर रही है।

 

जयंत चौधरी ने चेस प्लस की पहल को लॉन्च करते हुए कहा कि इसको ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) और नवोदय विद्यालय समिति (JNVs) की सहायता आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही 30 जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNVs) में एक पायलट प्रोग्राम के तहत शुरू करेगी। मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे स्कूलों की कक्षाओं में बच्चों को स्ट्रक्चर्ड शतरंज पाठ्यक्रम के अंतर्गत लाया जाएगा।

 

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जयंत चौधरी ने नितिन नारंग को शुभकामनाएं दीं 

 

इस दौरान केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने चेस फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नितिन नारंग और चेस ग्रैंडमास्टर श्रीनाथ नारायणन के साथ में युवा छात्रों को उनके पहले गैम्बिट (पहली चाल) के लिए शुभकामनाएं दीं।

 

 

 

 

नितिन नारंग ने चेल के लिए बताया बड़ा पल

 

वहीं, फेडरेशन के अध्यक्ष नितिन नारंग ने चेस प्लस पहल को भारतीय चेस के लिए बहुत बड़ा पल बताया। उन्होंने 30 नवोदय विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चेस प्लस के लॉन्च होने पर जयंत सिंह का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के लिए फेडरेशन पूरी तरह से तैयार है।

 

 

 

 

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'हम अगली पीढ़ी तैयार कर रहे हैं'

 

नितिन नारंग ने कहा, 'स्कूलों में चेस हमेशा से AICF का सबसे बड़ा सपना रहा है। चेस प्लस ने इसे रॉकेट फ्यूल दे दिया है। हम सिर्फ एक खेल नहीं सिखा रहे हैं, हम एक-एक क्लासरूम में भारत के ग्रैंडमास्टर्स की अगली पीढ़ी तैयार कर रहे हैं।' नारंग ने कहा कि भारत के बच्चों का भविष्य सुनहरा दिख रहा है।