स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज आखिरी दिन है। भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और पैरा-स्पोर्ट्स में इतिहास रचते हुए कई पदक अपने नाम किए हैं। अभी तक भारत 39 मेडल (13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज) के साथ मेडल टैली में चौथे नंबर पर मौजूद है। आज का दिन भारत के लिए बेहद अहम है। क्योंकि आज 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का ध्वज भारत के अहमदाबाद को सौंपा जाएगा। 2010 में नई दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के बाद यह दूसरा मौका होगा, जब भारत इस बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी करेगा। इसलिए आज का दिन और मेडल टैली में भारत का स्थान काफी अहम है।
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भारत के लिए क्यों अहम?
भारत फिलहाल पदक तालिका में चौथे स्थान पर है और आज कॉमनवेल्थ गेम्स का आखिरी दिन के नतीजे अंतिम रैंकिंग तय करेंगे। दूसरी और समापन समारोह में कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज भारत के अहमदाबाद को सौंपा जाएगा। बता दें भारत के अहमदाबाद शहर को आधिकारिक तौर पर 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिल गई है। यह राष्ट्रमंडल खेलों का 100वां यानी शताब्दी संस्करण होगा। इसलिए यह कॉमनवेल्थ गेम्स और भारत दोनों के लिए अहम होगा।
कैसा रहा 2026 में भारत का प्रदर्शन?
साल 2026 में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा, जहां भारतीय दल ने कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में बजट की कमी और आयोजन की व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानियों के कारण कई बदलाव करने पड़े। इसके तहत कई प्रमुख खेल हटा दिए गए, इस बार 19 से की जगह केवल 10 ही खेल शामिल किए गए। शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और क्रिकेट जैसे कई ऐसे खेल कार्यक्रम में नहीं थे, जिनमें भारत आमतौर पर बड़ी संख्या में पदक जीतता है। फिर भी इस बार भी भारत ने अब तक 39 मेडल अपने नाम कर लिए हैं, इनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल है।
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मेजबानी से भारत पर क्या होगा असर?
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने से भारत को खेल, पर्यटन, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे भारत में नए स्टेडियम, बेहतर खेल सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होंगे। इससे रोजगार, पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। भारत इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर चुका है। उस दौरान दिल्ली मेट्रो का विस्तार, नई सड़कें, फ्लाईओवर और कई खेल स्टेडियम बनाए गए। इनका फायदा आज भी लोगों को मिल रहा है। 2030 में भी अहमदाबाद में ऐसे ही बड़े विकास कार्य होने की उम्मीद है।
मेजबानी के लिए अहमदाबाद ही क्यों?
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अहमदाबाद में होना है। यह शहर क्यों चुना गया, इसके पीछे भी कई वजह हैं। शहर में पहले से दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम नरेंद्र मोदी स्टेडियम मौजूद है। इसके अलावा, यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और खेल सुविधाएं मौजूद हैं। साथ ही स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मेट्रो और सड़क नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है, जिससे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन कराने में आसानी होगी।
भारत के लिए आगे की कैसी होगी राह?
2030 की मेजबानी मिलने के बाद भारत का लक्ष्य सिर्फ सफल आयोजन करना नहीं होगा, बल्कि पदक तालिका में भी शीर्ष देशों को चुनौती देना होगा। वैश्विक मंच पर भारत की खेल, सांस्कृतिक और संगठनात्मक क्षमता को एक नई पहचान मिलेगी। इतना ही नहीं, यह आयोजन भारत को दुनिया का बड़ा खेल केंद्र बनाकर भविष्य में ओलंपिक की मेजबानी दिलाने का रास्ता साफ करेगा। इस आयोजन के लिए खिलाड़ियों की तैयारी, खेल सुविधाओं का विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम किया जाएगा।
