आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर तिलक वर्मा को धीमी बैटिंग के चलते काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। टीम इंडिया के नए उप-कप्तान बने तिलक आते ही बड़े शॉट नहीं खेल पा रहे थे, जिससे रन गति पर अंकुश लग जा रहा था। तिलक ने जिम्बाब्वे के खिलाफ गुरुवार से शुरू हो रही टी20 सीरीज से पहले अपने स्ट्राइक रेट पर उठ रहे सवालों पर कहा कि शुरुआती विकेट गिरने से उनके जैसे मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला। साथ ही उन्होंने साथ ही जोर देते हुए कहा कि वह हालात के अनुसार बैटिंग कर रहे हैं।
'टीम को जैसी जरूरत, वैसा खेलूंगा'
तिलक के स्ट्राइक रेट के अलावा धीमी गति के गेंदबाजों के खिलाफ उनके रवैये पर भी सवाल उठाए गए थे। खासकर वह स्पिनर्स के सामने संघर्ष करते दिखे। तिलक ने साउथैम्पटन में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टी20 में 25 गेंद में 53 रन बनाकर बताया कि वह क्या कर सकते हैं। तिलक ने बताया कि अलग-अलग नंबर पर बैटिंग करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, 'इस फॉर्मेट में आपको अलग-अलग क्रम पर बल्लेबाजी करनी होती है और खासकर ऐसे हालात में यह आसान नहीं होता। साथ ही मैं हमेशा कहता हूं कि टीम के लिए जो भी जरूरी होगा मैं वही करूंगा। अगर मुझे टीम के लिए इंतजार करते हुए रन बनाने हैं तो मैं उसी हिसाब से खेलूंगा। अगर मुझे हिट करना है तो मैं हिट करता हूं और खेलता हूं'
तिलक ने आगे कहा, 'तो उस समय टीम के हालात को देखें तो आयरलैंड से लेकर इंग्लैंड तक पावर प्ले में हमेशा चार या पांच विकेट गिरते थे। इसलिए वहां जाकर हिट करना और आउट होना सामझदारी भरा नहीं था।'
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पहली गेंद से भी हिट कर सकता हूं - तिलक
तिलक ने कहा, 'मेरे दिमाग में हमेशा यही रहता है कि मैं क्रीज पर उतरकर पहली गेंद को हिट कर सकता हूं लेकिन साथ ही मैं देश के लिए खेल रहा हूं इसलिए बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं। जब आपके नाम के साथ उप कप्तान का पद जुड़ा होता है, टीम ने मुझे यह सोच-समझकर दिया होगा। इसलिए मैं वही जिम्मेदारियां लेना चाहता हूं जो प्रबंधन मुझे देता है। मैं उसी के हिसाब से खेल रहा हूं।'
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UK में हार का क्या कारण रहा?
आयरलैंड-इंग्लैंड में हार का कारण बताते हुए तिलक ने कहा कि हमने पिछले दो साल में एशिया में काफी ज्यादा खेले थे। वहां के हालात अलग थे। उनका मानना है कि टीम वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य नहीं बैठा पाई। तिलक ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो श्रेयस (अय्यर) अभी एक सफल टीम की अगुआई कर रहे हैं। जाहिर है कि जिम्मेदारियां और उम्मीदें होंगी। आयरलैंड में अलग हालात थे। अगर आप पिछले दो साल देखें तो हमने एशिया में अधिक मैच खेले।'
