श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने कोलंबो टेस्ट में साहसिक पारी खेल भारत को जीत से महरूम कर दिया है। इस 25 साल के खिलाड़ी ने मुकाबले के पांचवें और आखिरी दिन (27 अगस्त) भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना करते हुए 264 गेंद में नाबाद 133 रन ठोके, जिससे श्रीलंका ने मुकाबला ड्रॉ करा लिया। भारत ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की।

 

फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम ने चौथे दिन स्टंप्स तक 6 विकेट के नुकसान पर 229 रन बनाए थे। उसके पास महज 16 रन की बढ़त थी। माना जा रहा था कि टीम इंडिया आखिरी दिन श्रीलंका के बाकी बचे 4 विकेट जल्दी चटकाकर आसानी से जीत हासिल कर लेगी लेकिन दिनुषा अड़ गए। उन्होंने 7 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई और शतक जड़ दिया। मुकाबले का यह उनका दूसरा शतक रहा। उन्होंने पहली पारी में 103 रन बनाए थे। 

 

दिनुषा ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजों को खूब थकाया। आखिर में जब टीम इंडिया दूसरी पारी में श्रीलंका को ऑलआउट नहीं कर सकी और फिर दोनों टीमों ने हाथ मिला लिया। श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 9 विकेट खोकर 429 रन बनाए।

पांचवें दिन 3 ही विकेट ले सका भारत

दिनुषा और केशरा नुवांथा ने पांचवें दिन 229/6 के स्कोर से भारत की पारी आगे बढ़ाई। दोनों ने पहले सेशन में भारतीय गेंदबाजों को विकेट से दूर रखा। लंच के बाद मानव सुथार ने पहले ही ओवर में नुवांथा (46) को स्लिप में ध्रुव जुरेल के हाथों लपकवाकर भारत को राहत दिलाई लेकिन इसके बाद दिनुषा के साथ प्रभात जयसूर्या जम गए। दिनुषा और जयसूर्या ने आठवें विकेट के लिए 71 गेंद में 25 रन जोड़े।

 

जयसूर्या को रवींद्र जडेजा ने चलता किया, जिससे भारतीय टीम की फिर से जीत की उम्मीदें जग गईं, क्योंकि श्रीलंका के पास 2 विकेट बचे थे और उसकी बढ़त 142 रन तक ही पहुंच सकी थी। मगर दिनुषा और लाहिरू कुमारा ने 9वें विकेट के लिए 28.1 ओवर में 47 रन की साझेदारी कर टीम इंडिया के आरमानों पर पानी फेर दिया। कुमारा (90 गेंद में 12 रन) के आउट होने के बाद भी भारतीय गेंदबाज श्रीलंका की आखिरी जोड़ी 9.2 ओवर में भी नहीं तोड़ सके। आखिर में कप्तान शुभमन गिल , यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल ने भी बॉलिंग की लेकिन वे भी कामयाब नहीं हुए।