हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से भारत की पुरुष और महिला टीमें बाहर हो गई हैं। महिला टीम काफी करीबी अंतर से सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूकी। वहीं पुरुष टीम अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई। वर्ल्ड कप में पुरुष और महिला टीमों की उम्मीदें टूटने के बाद पूर्व दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने हॉकी मैनेजमेंट और पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। डबल ओलंपिक मेडलिस्ट श्रीजेश ने ट्वीट कर कहा कि वर्ल्ड कप कोई रिहर्सल नहीं है। 

 

श्रीजेश ने पुरुष टीम के प्रदर्शन पर लिखा कि जब टीम किसी बड़ी टीम से हारती है तो उसे 'लर्निंग एक्सपीरियंस' बता दिया जाता है। किसी टीम को हरा दे तो उसे बड़ी जीत कह दिया जाता है। अच्छा खेल दिखाए तो कहा जाता है कि टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। क्या हम अच्छी हॉकी खेलने वाली टीम बना रहे हैं या ऐसी टीम जो दुनिया की बेहतरीन टीमों को हराने का दम रखती हो?

 

उन्होंने महिला टीम की तैयारियों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। श्रीजेश ने लिखा कि वर्ल्ड कप से ठीक पहले महिला टीम के चीफ कोच छुट्टी पर थे। फिर भी खिलाड़ियों ने पूरी जान लगाकर खेला और उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। इसका क्रेडिट खिलाड़ियों को जाता है लेकिन आखिर जवाबदेही किसकी है? क्या हम सच में उम्मीद करते हैं कि टीम अपना बेस्ट प्रदर्शन करेगी, जब तैयारी के आखिरी दौर में मुख्य कोच ही मौजूद न हों? जवाबदेही की मांग कौन करेगा? क्या किसी को सच में इसकी परवाह है?

 

यह भी पढ़ें: UP टी20 लीग में चमक रहे अनजान खिलाड़ी IPL तक पहुंच पाएंगे?

यह भी पढ़ें: 'जय जवान, जय किसान...' ध्रुव जुरेल ने कोलंबो में शतक ठोक दिखाया टैटू

बड़े टूर्नामेंट्स की आड़ लेना बंद कीजिए - श्रीजेश

श्रीजेश ने X पर लिखा, 'चिंता मत कीजिए... वर्ल्ड कप कोई मायने नहीं रखता। एश‍ियन गेम्स आने वाले हैं। वहां एक मेडल जीत लीजिए और फिर LA 2028 के सपने देखना शुरू कर दीजिए। शायद वर्ल्ड कप में जो कुछ गलत हुआ, उसे ढकने के लिए इतना ही काफी है।

 

श्रीजेश ने मैनेजमेंट पर सवाल उठाते हुए कहा, 'लर्निंग, गुड हॉकी और भविष्य के टूर्नामेंट्स की आड़ लेना बंद कीजिए। वर्ल्ड कप कोई रिहर्सल नहीं है। यह वर्ल्ड कप है।' उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वर्ल्ड कप में नाकामी के बाद जवाबदेही किसकी तय होगी?