श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने कोलंबो टेस्ट में भारत से जीत छीन ली। 25 साल के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दूसरी पारी में भी शतक ठोका। उन्होंने 264 गेंद में नाबाद 133 रन की पारी खेल मुकाबला ड्रॉ करा दिया। दिनुषा ने श्रीलंका की पहली पारी में 103 रन बनाए थे। हालांकि उनकी टीम 290 के स्कोर तक ही पहुंच सकी। भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 के स्कोर पर घोषित की थी। ऐसे में टीम इंडिया को 213 रन की बढ़त मिली और कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए कहा। 

 

फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम को भारत ने 218 के स्कोर तक 6 झटके दे दिए। अब टीम इंडिया जीत के बेहद करीब नजर आ रही थी, क्योंकि श्रीलंका के 4 ही विकेट बचे और उसके पास सिर्फ 5 रन की बढ़त थी। दिनुषा ने केशरा नुवांथा (46) के साथ मिलकर पहले श्रीलंका को मुसीबत से निकाला और फिर थके हुए भारतीय गेंदबाजों का दम निकालते हुए अपनी टीम को 400 के पार पहुंचा दिया। 

 

श्रीलंकाई टीम खेल के पांचवें दिन (27 अगस्त) के आखिरी सेशन में 9 विकेट के नुकसान पर 429 रन तक पहुंच गई थी। अब दिन के खेल में अब ज्यादा समय नहीं बचा था और मुकाबले का नतीजा निकलता नहीं दिखाई दे रहा था। ऐसे में दोनों टीमों ने हाथ मिला लिया। दिनुषा अंत तक क्रीज पर डटे रहे। उन्होंने अपनी इस साहसिक पारी के दौरान एक खास उपलब्धि हासिल की।

 

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ऐसा करने वाले पहले श्रीलंकाई

दिनुषा ने भारत के खिलाफ दोनों पारियों में शतक ठोक कुछ ऐसा कर दिखाया, जो टेस्ट क्रिकेट में आज तक कोई श्रीलंकाई खिलाड़ी नहीं कर सका था। वह उस टेस्ट मैच में दो शतक (दूसरी और तीसरी पारी में) लगाने वाले पहले श्रीलंकाई बने, जिसमें उनकी टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ा था। वर्ल्ड क्रिकेट की बात करें तो अब तक सिर्फ दो ही खिलाड़ी ऐसा कर सके थे। दिनुषा से पहले 1948 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विजय हजारे और 2001 में हरारे में साउथ अफ्रीका के खिलाफ एंडी फ्लावर ने यह कारनामा किया था।