तन्वी शर्मा कोरिया मास्टर्स 2026 के क्वार्टर-फाइनल में हार गई हैं। पिछले हफ्ते सबसे कम उम्र में ताइपे ओपन चैंपियन बनने का रिकॉर्ड बनाने वाली तन्वी को हमवतन रक्षिता रामराज ने कड़े मुकाबले में 21-18, 19-21, 18-21 से हरा दिया। इसके साथ ही 17 साल की तन्वी का BWF वर्ल्ड टूर पर शानदार सफर थम गया है।
तन्वी ने पहला गेम जीतकर एक और सेमीफाइनल में जगह बनाने की उम्मीद जगाई थी। हालांकि, रक्षिता ने जबरदस्त वापसी की और मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। इसके बाद उन्होंने एक रोमांचक निर्णायक गेम जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। रक्षिता ने इस जीत के साथ तन्वी के खिलाफ हेड टू हेड रिकॉर्ड में 4-0 की बढ़त बना ली।
यह भी पढ़ें: फ्री में फैंस की एंट्री... भारत-श्रीलंका टेस्ट देखने के लिए नहीं लगेंगे पैसे
वर्ल्ड चैंपियनशिप में दावेदारी पेश करेंगी तन्वी
हार के बावजूद तन्वी ने एक और शानदार सुपर 300 टूर्नामेंट के जरिए BWF वर्ल्ड टूर पर खुद को साबित किया। क्वार्टर-फाइनल तक का उनका सफर शानदार रहा। उन्होंने अपने से बेहतर रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को हराया। वह अब इस महीने के आखिर में होने वाली BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपनी दावेदारी पेश करेंगी।
यह भी पढ़ें: गुरनूर बराड़ या प्रसिद्ध कृष्णा, श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में कौन खेलेगा?
अश्मिता से भिड़ेंगी रक्षिता
सेमीफाइनल में रक्षिता का मुकाबला एक और भारतीय खिलाड़ी अश्मिता चालिहा से होगा। अश्मिता ने टॉप सीड हिना अकेची को 20-22, 21-15, 21-19 से हराकर अगले राउंड में जगह बनाई है। इस टूर्नामेंट में विमेंस और मिक्स्ड डबल्स इवेंट में भारत का सफर खत्म हो चुका है।
विमेंस डबल्स में सोनाली सिंह और रितिका ठाकर को सातवीं सीड जापानी जोड़ी सुमिरे नाकाडे और मियू ताकाहाशी ने 21-15, 21-9 से हराया। मिक्स्ड डबल्स में छठी सीड ईशान भटनागर और श्रुति मिश्रा को साउथ कोरिया के शिन ताए-यांग और किम यू जंग से 21-16, 16-21, 21-13 से हार का सामना करना पड़ा।
मेंस डबल्स में भारत की उम्मीदें बरकरार हैं। पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय और कृष्णा प्रसाद गरागा ने साउथ कोरिया के किम यंग-ह्युक और शिन ताए-यांग को 21-18, 21-19 से हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बना ली है।
