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इलाके को सूखाग्रस्त नहीं घोषित करा पाए, कांग्रेस विधायक ने CM को भेजा इस्तीफा

कर्नाटक में कांग्रेस विधायक यशवंतराय गौड़ा पाटिल ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सौंप दिया है।

Karnataka Congress MLA Yashavanthraygoud V Patil resigns

इंडी विधायक यशवंतराय गौड़ा पाटिल, Photo Credit: yvpatil_official/Instagram

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कर्नाटक में कांग्रेस विधायक यशवंतराय गौड़ा विट्ठलगौड़ा पाटिल ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक पत्र के जरिए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में भी अपना इस्तीफा जमा कराया है। विधायक ने पत्र में कहा कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही थी और उनके क्षेत्र की समस्याओं पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा था। सरकार के इस रवैये से नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।

 

आपको बता दें कि यशवंतराय गौड़ा पाटिल विजयपुरा जिले की इंडी विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में JD(S) उम्मीदवार बीडी पाटिल (हंजगी) को 10,329 वोटों से हराया था। यशवंतराय गौड़ा को 71,785 वोट मिले थे, जबकि बीडी पाटिल को 61,456 वोट मिले थे।

 

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यशवंतराय गौड़ा ने क्यों दिया इस्तीफा?

यशवंतराय गौड़ा का पत्र के जरिए कहना है कि इंडी और चडचण तालुका को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किए जाने, क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होने और उनकी बात/भावनाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से वह नाराज हैं। पत्र के अंत में उन्होंने अपनी इच्छा से विधायक पद से इस्तीफा देने और उसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

 

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उन्होंने अपने पत्र में लिखा, 'मैंने 29 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर इंडी तालुका को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की थी। विजयपुर जिले के कुल 13 तालुकों में से इंडी और चडचण को छोड़कर बाकी सभी तालुकों को अब तक सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है। मैं सत्तारूढ़ दल का विधायक हूं और सरकार को किसी तरह की असहज स्थिति में न डालने के लिए कई बार संयम के साथ अपनी बात रख चुका हूं। इसके बावजूद हमारी मांग और भावनाओं को कोई महत्व नहीं दिया जा रहा है।'

 

यशवंतराय गौड़ा ने अपने पत्र में आगे लिखा, 'मौजूदा राजनीतिक माहौल में जो लोग दबाव बनाते हैं और दबाव की राजनीति करते हैं उनकी बातों को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। वहीं, उनके जैसे शांत स्वभाव वाले लोगों के काम पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस वजह से वह अपने क्षेत्र की जनता की उम्मीदों और जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए उन्होंने अपनी इच्छा से विधायक पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।'

 

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मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से भी नाराज थे यशवंतराय

आपको बता दें कि 3 अगस्त 2026 को कर्नाटक सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। इस दौरान 19 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। हालांकि, इस मंत्रिमंडल विस्तार में यशवंतराय गौड़ा का नाम शामिल नहीं था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद से ही उनकी कर्नाटक सरकार से नाराजगी की खबरें सामने आ रही थीं। उनके साथ सागर विधानसभा सीट से विधायक बेलूर गोपालकृष्णा भी सरकार से नाराज बताए जा रहे थे।


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