वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय रेसलर मनीषा ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 59 किलोग्राम कैटेगरी में हिस्सा लिया और शानदार जीत हासिल की। वह विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर हैं। इस मैच में मनीषा का मुकाबला अमेरिका की अबीगैल नेट्टे के साथ हुआ।
मनीषा से पहले 2010 में वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान सुशील ने गोल्ड मेडल जीता था। लंबे इंतजार के बाद 30 अक्टूबर को भारतीय महिला पहलवान मनीषा ने गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले गुरुवार को भारतीय खिलाड़ी नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम कैटेगरी में फाइनल मुकाबला खेला। इनके अलावा काजल धोचक ने 70 किलोग्राम में फाइनल मैच खेला। दोनों को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल ही मिल पाया।
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मनीषा को मिली कांटे की टक्कर
फाइनल मैच की शुरुआत में अमेरिकी पहलवान अबीगैल नेट्टे ने दमदार कुश्ती की थी। उन्होंने मैच की शुरुआत में अपने दाएं पैर से मनीषा को पकड़ लिया था। इस दौरान लगभग 30 सेकेंड तक मनीषा ने खुद को बचाने की कोशिश की थी। हालांकि, वह खुद को बचा नहीं पाईं, क्योंकि अबीगैल ने उन्हें उठाकर पटक दिया। इस दांव में अबीगैल ने 4 अंक हासिल किए थे। इसके बाद अबीगैल ने 2 और अंक हासिल किए।
पिछड़ने के बाद की वापसी
इसके बाद अमेरिका की पहलवान अबीगैल के जीतने की संभावना बढ़ गई थी। इसके बावजूद भी मनीषा ने हार नहीं मानी। इसके बाद मनीषा ने अबीगैल को पेट से पकड़कर पलट दिया। इस दांव से मनीषा को 6 अंक मिले और अब दोनों खिलाड़ी बराबर अंकों पर आ चुकी थीं। इसके बाद मनीषा ने अबीगैल को अंक हासिल करने का कोई मौका नहीं दिया और मौका पाते ही 2 अंक हासिल किए। इन्हीं 2 अंकों की बढ़त से मनीषा ने जीत हासिल की।
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जब मैच खत्म होने में सिर्फ 27 सेकेंड बाकी थे, तब भी अबीगैल ने अंक हासिल करने की कोशिश की थी। हालांकि, मनीषा ने ऐसा एक भी मौका नहीं दिया कि अबीगैल और अंक बना पाएं। इससे पहले सेमीफाइनल में मनीषा ने कजाकिस्तान की अल्तिन शागायेवा को 10-0 से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई थी।
