उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने कांवड़ यात्रा 2026 को देखते हुए कांवड़ियों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए हैं। श्रावण मास में लाखों तीर्थयात्री गंगाजल लेने हरिद्वार जाते हैं। उनकी बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए 30 जुलाई से 11 अगस्त तक गाजियाबाद से हरिद्वार के रूट पर 350 बसें चलाई जाएंगी।
गाजियाबाद के लाल कुआं और दासना में अस्थायी बस डिपो बनाए गए हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी केसरी नंदन चौधरी ने बताया कि ये बसें जिले में पहले से चल रही बसों से ही व्यवस्था की जाएगी। बाहर से कोई नई बस नहीं मंगाई जाएगी।
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कांवड़ के लिए क्या तैयारी है?
केसरी नंदन चौधरी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान शहर के सामान्य रास्तों पर ट्रैफिक कम हो जाता है, जिससे यात्रा मुश्किल हो जाती है। इसलिए ये बसें नियमित सेवा की तरह एक डिपो से दूसरे डिपो तक चलेंगी और सीधे हरिद्वार तक जाएंगी।
किराया कितना होगा?
विभाग जिला प्रशासन से यातायात मार्ग परिवर्तन की योजना का इंतजार कर रहा है। योजना मिलने के बाद बसों के मार्ग और पूरी अनुसूची घोषित कर दी जाएगी। यात्रियों के लिए किराया भी सामान्य रहेगा। श्रावण के दौरान प्रति किलोमीटर 1.4 रुपये किराया लगेगा।
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और भी बसें बढ़ाई जा सकती हैं
अगर जरूरत पड़ी तो बाद में और बसें बढ़ाई जा सकती हैं। इस अभियान में दिल्ली-यूपी बॉर्डर के पास कौशांबी बस डिपो, शहीद स्थल (नया बस अड्डा), पुराना बस स्टैंड नयागंज, साहिबाबाद डिपो, एएलटी डिपो और लोनी टर्मिनल जैसे प्रमुख डिपो सहयोग करेंगे। ये व्यवस्था कांवड़ियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा देने के लिए की गई है।
