उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक रूह कंपा देने वाली और बेहद जघन्य वारदात सामने आई है। यहां साल 2021 के पंचायत चुनाव की आपसी रंजिश का बदला लेने के लिए एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने अपने साथी के साथ मिलकर 4 साल की मासूम बच्ची का अपहरण किया और उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है।

 

पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना गुनाह कबूल कर लिया है। वहीं, घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही दबोच लिया जाएगा।

 

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घर के बाहर से हुई किडनैप

मासूम बच्ची के पिता हरियाणा के फरीदाबाद में एक घरेलू सामान बनाने वाली कंपनी में काम करते हैं। पिता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, वह अपनी पत्नी, पीड़ित बेटी और अन्य तीन बच्चों के साथ कासगंज जिला स्थित अपने पैतृक गांव आए हुए थे। वह यहां अपने बीमार दादा से मिलने पहुंचे थे। 6 जून को बच्ची घर से महज कुछ ही कदम बाहर निकली थी, तभी आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया। पिता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर खोजबीन शुरू की लेकिन तीन दिन बाद 9 जून को गांव के ही एक सुनसान इलाके में बच्ची का शव बरामद हुआ।

पुलिस ने लगाईं BNS की कड़ी धाराएं

बच्ची का शव मिलने के बाद जब उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया तो डॉक्टरों की रिपोर्ट में उसके साथ हुई इस दुष्कर्म का खुलासा हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद कासगंज पुलिस ने दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की बेहद कड़ी धाराएं जोड़ी हैं। इनमें मुख्य रूप से धारा 103(1) (हत्या), 238 (सबूत मिटाना), 65(2) (12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म), 66 (पीड़िता की मृत्यु का कारण बनना) और 61(2) (आपराधिक साजिश) शामिल हैं।