उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण विकास और रोजगार को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 1 जुलाई से प्रदेश के 66 जिलों में 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी 'VB G RAM G' योजना के तहत 10 हजार विकास कार्यों का एक साथ शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य स्तर से इस अभियान की शुरुआत करेंगे।

 

सरकार का दावा है कि इस योजना से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जल संरक्षण और सार्वजनिक परिसंपत्तियों का विकास होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं चुनावी माहौल को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक इसे ग्रामीण मतदाताओं तक सरकार की पहुंच मजबूत करने की अहम पहल भी मान रहे हैं।

क्या है VB G RAM G योजना?

'भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' का उद्देश्य गांवों में रोजगार उपलब्ध कराना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है। योजना के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार, साफ-सफाई, पौधरोपण, सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण और अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। ग्राम पंचायतों को इसकी मुख्य जिम्मेदारी दी गई है।

 

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सरकार ने पहले चरण में प्रदेश के 66 जिलों में करीब 10 हजार विकास कार्यों की शुरुआत का लक्ष्य तय किया है। जिला प्रशासन को सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में इन कार्यों का शुभारंभ होगा।

ग्रामीणों को क्या मिलेगा फायदा?

योजना के जरिए गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। तालाबों के पुनर्जीवन, जल संरक्षण, सड़क, नाली और अन्य सार्वजनिक कार्यों से ग्रामीणों को सीधे लाभ मिलेगा। किसानों को सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, जबकि मजदूरों को अपने गांव में ही काम मिलने से पलायन कम हो सकता है।

 

सरकार ने भले ही लाभार्थियों की अंतिम संख्या जारी नहीं की है, लेकिन 10 हजार विकास कार्यों के शुरू होने से शुरुआती चरण में लाखों ग्रामीणों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा इन कार्यों से प्रदेश के हजारों गांवों की बड़ी आबादी को विकास का लाभ मिलेगा।

 

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चुनाव से पहले कितना बड़ा राजनीतिक दांव?

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। ऐसे समय में ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित इतनी बड़ी योजना को राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है। प्रदेश की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और चुनावी नतीजों में ग्रामीण मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में रोजगार और विकास कार्यों के जरिए सरकार गांव-गांव तक अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि योजना का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचा और विकास कार्य धरातल पर दिखाई दिए तो इसका सकारात्मक संदेश सीधे ग्रामीण वोट बैंक तक जाएगा। हालांकि विपक्ष योजना के क्रियान्वयन और पारदर्शिता को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश भी कर सकता है

 

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अब नजर जमीनी पर काम पर

फिलहाल, सरकार ने बड़ा एलान कर दिया है। अब सबसे बड़ी परीक्षा इस बात की होगी कि 10 हजार विकास कार्य कितनी तेजी से पूरे होते हैं और उनका लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। यदि योजना सफल रही तो यह ग्रामीण विकास के साथ-साथ आगामी चुनाव में भी सरकार के लिए अहम राजनीतिक पूंजी साबित हो सकती है।