असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। ऊपरी असम के कई इलाकों में पानी भर जाने से लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय सेना को भी राहत बचाव कार्य में लगाया गया है। इसके अलावा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को टीमें भी लगातार लोगों की मदद कर रही हैं।

 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा का कहना है कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि उनके मंत्रिमंडल के चार मंत्री भी प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं ताकि लोगों तक समय पर मदद पहुंचाई जा सके।

 

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कई जिलो में राहत और बचाव अभियान जारी

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, शिवसागर जिले में अब तक एसडीआरएफ और अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग की टीमों ने 510 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। जिन इलाकों तक सड़क के रास्ते पहुंचना मुश्किल है वहां नावें और सेना के हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। वहीं चराइदेव जिले के सबसे ज्यादा प्रभावित इलकों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और भारतीय सेना की टीमें तैनात की गई हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ राहत सामग्री भी बांटी जा रही है।

 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई लगातार बारिश से शिवसागर और आसपास के जिलों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और मौके पर मौजूद मंत्री इसकी निगरानी कर रहे हैं। 

 

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मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि जोरहाट, चराइदेव और शिवसागर के संवेदनशील इलाकों में बाढ़ नियंत्रण का काम भी तेजी से चल रहा है। दिक्खो नदी के तटबंध पर रेत से भरी बोरियां लगाई जा रही हैं। वहीं, दिसांग नदी के किनारे और नोराकोंवर बैलुंग गांव के झांजी तटबंध को भी मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक झांजी नदी का जलस्तर सुबह की तुलना में 0.04 मीटर कम हुआ है जिससे थोड़ी राहत मिली है।

57 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार बाढ़ से शिवसागर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 5 हो गई है। वहीं चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया और उदलगुड़ी जिलों में 57 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि राहत, पुनर्वास और जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन की और से जारी निर्देश का पालन करें।