पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में आज छात्रसंघ चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं और इन चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के अंकित बिढ़ान ने बड़ी जीत दर्ज की है। वोटिंग से एक दिन पहले ही ABVP को शिरोमणि अकाली दल (बादल) के छात्रसंघ स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (SOI) ने समर्थन दिया था। इस गठजोड़ को पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले काफी अहम माना जा रहा था और इसमें भारतीय जनता पार्टी के अघोषित छात्र विंग और अकाली दल बादल के छात्र विंग ने मिलकर जीत दर्ज कर ली है। ABVP की यह लगातार दूसरी जीत है। 

 

ABVP के अंकित बिढ़ान ने इन चुनावों में 500 से ज्यादा वोटों के साथ जीत दर्ज कर प्रेसिडेंट पद पर जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 3143 वोट मिले हैं। उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के स्टूडेंट विंग एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) और कांग्रेस के स्टूडेंट विंग नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से था। शुरुआत में ASAP ने लीड किया लेकिन अंतिम नतीजों तक अंकित बिढ़ान ने भारी बढ़त दर्ज कर ली थी। 

 

यह भी पढ़ें: 'सरकार हरसंभव मदद करेगी', जहरीली शराब से 4 युवकों की मौत पर बोले विजय सिन्हा

 

NSUI और ASAP का क्या हुआ?

पंजाब यूनिवर्सिटी के चुनावों का पंजाब की राजनीति पर काफी असर रहता है। ऐसे में हर एक राजनीतिक पार्टी और राजनेता इन चुनावों को गंभीरता से लेता है। आम आदमी पार्टी की स्टूडेंट विंग एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स के उम्मीदवार आदिल को अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, वह कड़े मुकाबले में पिछड़ गए। इसके अलावा कांग्रेस के छात्र विंग NSUI को करारा झटका लगा है। NSUI के प्रधान पद के उम्मीदवार गुरमन सिंह तीसरे नंबर पर रहे। इसके अलावा उप प्रधान के पद पर भी NSUI की अकांक्षा को हार का सामना करना पड़ा। 

 

अन्य पदों पर कौन जीता?

NSUI ने उपप्रधान पद के लिए भी उम्मीदवार मैदान में उतारा था लेकिन उन्हें इस पद पर भी हार का सामना करना पड़ा। NSUI की अकांक्षा को भारी वोटों से इस चुनाव में हार मिली है। PUDF के अरमान सिंह भिंडर ने अकांक्षा को 450 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। अरमान को कुल 1532 वोट मिले , जबकि अकांक्षा को 1280 वोट मिले। वहीं, जनरल सेक्रेटरी पद पर आजाद उम्मीदवार ध्यान सिंह और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर आजाद उम्मीदवार विशाम बामल ने जीत दर्ज की है।