उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां, बयानबाजी और सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा कि राज्यसभा चुनाव और चुनाव का समय मिलन का समय होता है। उन्होंने कहा कि किसी को लगता है कि हमारे लोकतंत्र और संविधान पर हमला हो रहा है तो कड़वी बातें सब भूलकर जो साथी साथ आना चाहते हैं तो हम सब चीजें भूल जाएंगे।

 

अखिलेश यादव के इस बायन से सियासी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव इस बयान से अपने पुराने साथियों और बागी विधायकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि साल 2017 के चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) चीफ ओपी राजभर समाजवादी पार्टी के साथ थे। हालांकि, इन दिनों वे लगातार अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर हमलावर हैं। 

 

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चुनाव का समय मिलन का होता है: अखिलेश  

अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए एक बयान में कहा कि अपनी पुरानी गलतियों को भूलकर, दूसरों के साथ, सिद्धांत के साथ खड़े हो जाने का एक बार मौका मिलता है। उन्होंने कहा, 'किसी को लगता है कि हमारे लोकतंत्र, हमारे संविधान, देश की हमारी अर्थव्यवस्था पर हमला हो रहा है, महंगाई बढ़ रही है, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाया जा रहा है, अगर उन्हें लगता है कि ये सब गलत फैसले है तो राज्यसभा चुनाव से पहले मिलन का समय आता है। कड़वी बातें सब भूलकर मिलना चाहिए।' 

उन्होंने कहा कि हम तो केवल इतना ही कह रहे हैं कि जो रास्ता भूल गए हैं, जो साथी साथ आना चाहते हैं, उनके लिए हम सभी पुरानी चीजें भूल जाएंगे।' अखिलेश के इस बयान से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि वे गठबंधन के पुराने साथियों को फिर से लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। 

सबको साथ आना चाहिए 

इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि ये खूबसूरत देश है, जिसके पास शानदार लोकतंत्र का इतिहास है, संविधान है। इसे बचाने के लिए सब को एक साथ आना चाहिए। AIMIM के साथ गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि जो गठबंधन पहले से था जिसने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराया, समाजवादी पार्टी के उसी गठबंधन को आगे बढ़ाने का काम करेगी। 

 

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किसे लुभा रहे हैं अखिलेश यादव?  

अखिलेश के इस बयान से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव गठबंधन के पुराने साथियों को फिर से लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। इन दिनों उनके पुराने साथी रहे ओपी राजभर समाजवादी पार्टी पर हमलावर हैं। 2017 के चुनाव में ओपी राजभर समाजवादी पार्टी के साथ थे। 

 

वहीं बीजेपी के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने भी हाल ही में अखिलेश को लेकर कहा था कि उनके बिना सब सूना है। अखिलेश यादव ने माना था कि ब्रजभूषण के साथ उनके अच्छे संबंध रहे हैं। कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और सपा के गठबंधन की भी चर्चाएं भी चल रही हैं।