अयोध्या के राम मंदिर में हुए चंदा चोरी की घटना को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही चोरी का दायरा और आरोप भी बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच राम मंदिर से जुड़ी काकभुशुंडी की प्रतिमा को लेकर चल रही खबरों पर मंदिर के पुजारी का बयान सामने आया है। दरअसल, कारसेवकपुरम के प्रभारी पुजारी शिव दास ने कहा है कि काकभुशुंडी की प्रतिमा न तो गायब हुई है और न ही उसे लेकर किसी तरह की अनिश्चितता है।
पुजारी शिव दास ने कहा, 'मंदिर को जो भी सामान दान में मिला है, चाहे वो चांदी की काकभुशुंडी हो, धनुष-बाण हो, भगवान हनुमान की गदा हो, देश भर से लोग यहां लाकर समर्पित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सब कुछ और सारा सामान मंदिर में सुरक्षित रखा गया है।
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'यहां आकर सामान को देख सकते हैं'
पुजारी ने आगे कहा कि जिस किसी को भी चढ़ाने के दान पर चोरी होने का शक है वह यहां आकर सामान को देख सकता है। पुजारी शिव दास ने कहा, 'जिन्होंने सोना-चांदी दान किया है, ट्रस्ट ने सबको रसीद दी है। हमारे ऑडिटर और अकाउंटेंट ने इसका हिसाब रखा है। कोई भी आकर देख सकता है। सारा सामान सुरक्षित रखा गया है।'
सारा सामान यहां नहीं रखा जा सकता- पुजारी
उन्होंने आगे कहा, 'ट्रस्ट के साथ दिक्कत यह है कि लोग जो भी सामान दान कर रहे हैं, उसे वहां नहीं रखा जा सकता। यहां जगह छोटी है और समाज की उम्मीदें हमसे बहुत ज्यादा हैं। काकभुशुंडी को महीनों तक राम मंदिर में रखा गया था ताकि भक्तों की इच्छा भी पूरी हो सके, लेकिन वहां भक्तों का दिया हुआ सब कुछ रखने के लिए ज्यादा जगह नहीं है।'
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अयोध्या में राम भक्तों की आस्था से जुड़े विषयों को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की खबरें फैल रही हैं। ऐसे में पुजारी ने कहा कि काकभुशुंडी की प्रतिमा पूरी तरह से सुरक्षित है। साथ ही बताया कि काकभुशुंडी की प्रतिमा दूसरी जगह मंदिर में स्थापित है और रोजाना उसकी पूजा-अर्चना हो रही है। इसलिए प्रतिमा के गायब होने की चर्चा पूरी तरह निराधार और गलत है।
कानूनी कार्रवाई की कही बात
वहीं, साकेत भवन पीठाधीश्वर सीताराम दास महाराज ने कहा, 'मैंने सोशल मीडिया पर देखा कि एक महिला ने काकभुशुंडी दान की थी और अब सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि वह भी चोरी हो गई है। मैं कारसेवकपुरम गया था और वहां काकभुशुंडी की पूजा होती देखी। मैं उन दान करने वालों, उन भक्तों से निवेदन करूंगा जिन्होंने काकभुशुंडी दान की है, वे कारसेवकपुरम में आकर इसे देखें। ऐसी अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए, जिससे लोगों की आस्था टूटे। अगर आपको सोशल मीडिया से किसी भी तरह की अफवाह मिलती भी है तो उसे फैलाने से पहले पक्का कर लें। अगर आप उसे पक्का नहीं करवाते हैं और फैलाते रहते हैं, तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'


