उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। बौंडी थाना क्षेत्र के ऊंच गांव में एक पेडस्टल पंखे में उतरे करंट ने मां-बेटी की जान ले ली। 9 वर्षीय बेटी को करंट से तड़पता देख मां बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने दौड़ी, लेकिन वह भी बिजली की चपेट में आ गई। काफी देर तक दोनों मदद के इंतजार में तड़पती रहीं और समय पर इलाज न मिलने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है।
जानकारी के अनुसार ऊंच गांव निवासी 37 वर्षीय गुड्डी अपनी 9 वर्षीय बेटी प्रिया के साथ घर के अंदर लकड़ी की खाट पर आराम कर रही थीं। कमरे में बिजली का पेडस्टल पंखा चल रहा था। लगातार हो रही बारिश के कारण घर में सीलन थी और पंखे में करंट उतर आया था।इसी दौरान अचानक पंखा अनियंत्रित होकर मासूम प्रिया के ऊपर गिर पड़ा। पंखे का स्पर्श होते ही बच्ची करंट की चपेट में आ गई और दर्द से चीखने लगी।
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बेटी को बचाने में मां ने गंवा दी जान
बेटी की चीख सुनते ही मां गुड्डी बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए दौड़ीं। उन्होंने बच्ची को खींचकर अलग करने की कोशिश की, लेकिन फर्श पर फैली नमी और तेज विद्युत प्रवाह के कारण वह भी करंट की चपेट में आ गईं। देखते ही देखते मां और बेटी दोनों जमीन पर गिर गईं और काफी देर तक छटपटाती रहीं।हादसे के समय परिवार के अन्य सदस्य खेतों में काम करने गए हुए थे। घर में कोई मौजूद नहीं था, इसलिए मां-बेटी को समय पर मदद नहीं मिल सकी। काफी देर बाद जब परिजन खेत से लौटे तो दोनों को अचेत अवस्था में पड़ा देखकर उनके होश उड़ गए।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजन दोनों को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मां और बेटी दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।सूचना मिलते ही बौंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में करंट लगने से मौत की पुष्टि हुई है।
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प्रशासन और बिजली विभाग हरकत में
घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दैवीय आपदा राहत कोष से भी सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।एक पल में मां और बेटी की मौत से ऊंच गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस मां ने अपनी बेटी की जान बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी, वह खुद भी जिंदगी की जंग हार गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
