बिहार सरकार ने राजस्व विभाग के कामकाज में सुधार और अंचल कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए निर्देश दिए हैं। राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने 47 नवपदस्थापित DCLR को हर महीने कम से कम चार अंचलों का निरीक्षण करने को कहा है। इस दौरान अधिकारियों को लंबित मामलों, कर्मचारियों के काम और अंचल कार्यालय की पूरी व्यवस्था की जांच करनी होगी।

 

मंत्री ने कहा कि निरीक्षण सिर्फ खानापूर्ति के लिए नहीं होना चाहिए। अधिकारियों को लंबित मामलों, कर्मचारियों के काम और अंचल कार्यालय की पूरी व्यवस्था की जांच करनी होगी। साथ ही लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करने और कानून के अनुसार फैसले लेने पर भी ध्यान देना होगा।

 

मंत्री ने कहा कि सभी DCLR प्रत्येक माह कम से कम चार अंचलों का नियमित और प्रभावी निरीक्षण करेंगे। यह सिर्फ औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान DCLR अंचल कार्यालय की पूरी कार्यप्रणाली, लंबित मामलों, राजस्व कर्मचारियों, अमीन और डेटा एंट्री ऑपरेटरों के काम की गुणवत्ता की जांच करें। रिपोर्टिंग में कोई गड़बड़ी या कमजोरी मिले तो उसके कारण पता कर तुरंत सुधार कराया जाए। मंत्री ने कहा कि राजस्व अधिकारियों के फैसले का सीधा असर आम लोगों की जमीन और जीवन पर पड़ता है। इसलिए उन्हें कानून के अनुसार, न्यायपूर्ण, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्णय लेना होगा। किसी दबाव में आकर गलत फैसला नहीं होना चाहिए।

 

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आम लोगों का भरोसा बढ़ाने पर जोर

कार्यक्रम में विभागीय सचिव जय सिंह ने नए DCLR को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग के प्रति आम लोगों का भरोसा बढ़ाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी फील्ड अधिकारियों की है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए राजस्व कार्यालय और वहां के अधिकारी ही सरकार का सीधा चेहरा हैं। अधिकारियों का व्यवहार, उनका फैसला और काम करने का तरीका ही तय करता है कि लोग विभाग को किस नजर से देखते हैं। 

 

सचिव ने कहा कि एक सही और पारदर्शी फैसला लोगों का भरोसा बढ़ाएगा जबकि गलत या लापरवाही से लिया गया फैसला वर्षों में बनी साख को खराब कर सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित करें कि आम लोगों को काम के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें तय समय पर सेवा मिले। सचिव ने यह भी कहा कि अपनी जिम्मेदारी को सिर्फ नौकरी न समझें बल्कि इसे जनसेवा और लोगों को न्याय दिलाने का मौका मानें।

लंबित मामलों का समय पर निपटारा

मंत्री डॉ. जायसवाल ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद कानून के अनुसार स्पष्ट कारणों के साथ फैसला दिया जाए। खासकर जब अंचल अधिकारी के फैसले को बदला जाए तो उसका ठोस कानूनी आधार और तर्क देना जरूरी है। मंत्री ने सभी राजस्व कार्यों की ऑनलाइन एंट्री उसी दिन करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि डिजिटल काम से पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का विभाग पर भरोसा मजबूत होगा। फाइलों को बेवजह रोककर रखने की आदत अब नहीं चलेगी।

 

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कर्मचारियों के काम की भी होगी समीक्षा

डॉ. जायसवाल ने कहा कि DCLR निरीक्षण के दौरान सिर्फ अधिकारियों का ही नहीं बल्कि राजस्व कर्मचारियों, अमीन और डेटा एंट्री ऑपरेटरों के काम की भी समीक्षा होगी। उनके काम का बोझ, लंबित काम और सामने आ रही समस्याओं को भी देखा जाएगा।

 

जहां कमी मिले वहां सिर्फ कार्रवाई करने के बजाय जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी दिया जाए। मंत्री ने कहा कि राजस्व प्रशासन एक पूरी व्यवस्था है। एक स्तर की लापरवाही से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। विभाग कर्मचारियों की कमी दूर करने और संसाधन बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि किसी तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कत पर विभागीय विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों से मदद लें लेकिन कानून और तय प्रक्रिया के खिलाफ कोई फैसला न लें।

 

मंत्री ने अंत में साफ कहा कि राजस्व अधिकारी की पहली प्राथमिकता लोगों को खुश करना नहीं बल्कि कानून और न्याय के अनुसार फैसला करना है। उन्होंने नए अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने और बिहार के राजस्व प्रशासन की छवि बेहतर बनाने की उम्मीद जताई।