बिहार के पूर्वी चंपारण पुलिस ने ठगों के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह लोगों को 'नोट डबल' करने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसमें बिहार पुलिस का एक बर्खास्त  बिहार मिलिट्री पुलिस (BMP) जवान और दो बर्खास्त होमगार्ड जवान भी शामिल हैं। यही तीनों मिलकर इस पूरे गिरोह को चला रहे थे। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 4 लाख के जाली नोट, 34 हजार नकद, देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और पुलिस की कई वर्दियां बरामद की हैं। इसके अलावा, ठगी करने में इस्तेमाल किए जाने वाले कई मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जब्त किए गए हैं। 

 

एसपी स्वर्ण प्रभात को काफी समय से इस गिरोह के बारे में गुप्त जानकारी मिल रही थी। इसके बाद सदर एसडीपीओ जितेश पांडे की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बंसमन गांव में छापा मारा। इस कार्रवाई में 9 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। उस समय आरोपी एक व्यक्ति को नोट डबल करने का झांसा देकर ठगने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया। 

 

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'चिल्ड्रेन बैंक' के नोट दिखाकर दे रहे थे झांसा 

सदर एसडीपीओ के मुताबिक, इस गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। पहले ये लोग आम लोगों को कम समय में पैसा डबल करने का लालच देते थे। भरोसा जीतने के लिए 'चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया' लिखे नकली नोटों की गड्डी बनाते थे। असली नोट की गड्डी में ऊपर-नीचे असली नोट और बीच में ये नकली नोट रख देते थे। जब पीड़ित झांसे में आकर असली रकम दे देता था, तो ये लोग तुरंत रंग बदल लेते थे। इतना ही नहीं कुछ सदस्य फर्जी पुलिस बनकर पहुंच जाते थे और रेड के नाम पर डरा-धमकाकर पूरी रकम हड़प लेते थे। कुछ लोग हथियार दिखाकर धमकाते थे। इसी तरीके से ये लोग पूर्वी चंपारण के अलावा आसपास के जिलों में भी ठगी कर चुके हैं। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने अब तक करोड़ों की ठगी की है।

बर्खास्त BMP जवान चला रहा था गिरोह

गिरफ्तार 9 आरोपियों में से दो मुख्य आरोपी भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। वहीं अन्य 7 आरोपी पूर्वी चंपारण के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित बंसमन गांव के रहने वाले हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड बर्खास्त BMP जवान था। उसके साथ दो बर्खास्त होमगार्ड जवान भी थे। वर्दी और अनुशासन का अनुभव होने के कारण ये लोग लोगों को आसानी से भरोसे में ले लेते थे। छापेमारी में बरामद पुलिस की वर्दियों का इस्तेमाल ये लोग नकली रेड करने और खुद को असली पुलिस अधिकारी बताने के लिए करते थे। देसी कट्टा और कारतूस का इस्तेमाल शिकार को डराने के लिए किया जाता था। पुलिस ने मौके से कई मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर और नोट गिनने की मशीन भी बरामद की है। इनकी मदद से ये जाली नोट तैयार करते थे और ठगी का पूरा हिसाब रखते थे।

 

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खुफिया जानकारी मिलते ही पुलिस ने की कार्रवाई

एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि पुलिस कई दिनों से इस गिरोह पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही पक्की सूचना मिली, पुलिस ने तुरंत सर्जिकल स्ट्राइक कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनकर लोगों से ठगी करना बहुत गंभीर अपराध है। इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी 9 आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस की पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगा और इसका नेटवर्क बिहार के किन जिलों तक फैला हुआ है। इसके साथ ही आरोपियों के बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की भी जांच की जा रही है। गिरोह के बाकी साथियों को पकड़ने के लिए भी अलग टीम बनाई गई है।

आम लोगों से अपील, लालच में न आएं

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नोट डबल, लॉटरी' या कम समय में ज्यादा मुनाफा जैसे किसी भी झांसे में न आएं। ऐसे गिरोह लोगों की लालच और मजबूरी का फायदा उठाते हैं। अगर किसी को इस तरह का ऑफर मिले तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें।