बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सरकार पूरी तरह अलर्ट है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जेपी गंगा पथ पहुंचकर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 48 घंटे तक नदियों के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जाएगी। राहत और बचाव के लिए एयरफोर्स से भी मदद मांगी गई है। इस बार गंगा, गंडक और सोन नदी में रिकॉर्ड पानी आया है। खास बात यह है कि बिहार में इस बार सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण इन नदियों में पानी बढ़ा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी जिलों के
DM और SP को अलर्ट पर रखा गया है।
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गंगा, गंडक और सोन में बढ़ा पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा, गंडक और सोन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। इन नदियों में इस बार काफी पानी आया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश का असर भी बिहार में देखने को मिल रहा है। इससे पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय और खगड़िया जैसे जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। राहत और बचाव के लिए एयरफोर्स से भी मदद मांगी गई है। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला जाएगा और राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग को सभी जिलों में कंट्रोल रूम 24 घंटे चालू रखने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जाएगी। जल संसाधन विभाग गंगा, गंडक और सोन के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। हर घंटे पानी के स्तर की जानकारी ली जा रही है। तटबंधों की भी निगरानी की जा रही है। जहां तटबंध कमजोर हैं वहां मरम्मत का काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है।'
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पटना में 20 से ज्यादा राहत शिविर तैयार
पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और कई घाट डूबने लगे हैं। जेपी गंगा पथ के नीचे वाले इलाकों में भी पानी पहुंचने लगा है। दीघा, दानापुर, मनेर और फतुहा के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है। प्रशासन ने 20 से ज्यादा राहत शिविर तैयार किए हैं। इन शिविरों में खाने-पीने की चीजें, दवा और पशु चारे की व्यवस्था की गई है। NDRF और SDRF की 10 से ज्यादा टीमें पटना में तैनात की गई हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने इलाके में निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए भी लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के बाद कहा कि अगले 48 घंटे तक विशेष निगरानी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव के लिए और कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है और हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी।
