बिहार में बाढ़ के बीच अब राहत के पैसों को लेकर सियासत तेज हो गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने को लेकर सरकार और विपक्ष पहले से ही एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच मंत्री लेशी सिंह के एक बयान के बाद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर पलटवार किया है। मंत्री ने पप्पू यादव के बाढ़ राहत अभियान के दौरान लोगों के बीच बांटे जा रहे पैसों पर सवाल उठाया था। इसके बाद पप्पू यादव ने भी मंत्री के सवाल का जवाब देते हुए सरकार को जांच कराने की चुनौती दी है।

 

दरअसल, मंत्री लेशी सिंह ने पप्पू यादव पर सवाल उठाते हुए कहा था, 'बाढ़ पीड़ितों के बीच बैग भर-भरकर जो पैसे बांटे जा रहे हैं, वह पैसा कहां से आ रहा है? इस तरह कैश बांटने से कई सवाल खड़े होते हैं और पैसों का हिसाब सामने आना चाहिए।' मंत्री ने कहा कि अगर बाढ़ पीड़ितों की मदद करनी है तो सरकार के माध्यम से मदद की जा सकती है लेकिन इस तरह कैश बांटने से सवाल उठते हैं। मंत्री के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई।

 

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मंत्री के सवाल पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा, 'सरकार आपकी है, आपके पास ED और CBI है, जांच करवा लें। बाढ़ पीड़ितों के लिए काम करने की बजाय यह पूछा जा रहा है कि पैसा कहां से आ रहा है। बाढ़ में लोग परेशान हैं, उनके घरों में पानी घुसा हुआ है और खाने तक की परेशानी है। ऐसे समय में लोगों की मदद करना जरूरी है न कि पैसों का हिसाब पूछना।' पप्पू यादव ने कहा कि वह अपनी जेब और अपने लोगों से मदद लेकर पैसे बांट रहे हैं। उन्होंने कहा, 'पप्पू यादव कहीं से पैसा ला रहा है लेकिन बाढ़ पीड़ितों के बीच बांट तो रहा है।' उन्होंने दावा किया कि उन्होंने हमेशा बाढ़ पीड़ितों की मदद की है और जब भी लोग परेशान होते हैं वह उनके बीच पहुंचते हैं। उन्होंने सरकार से कहा कि इस मामले में राजनीति करने की बजाय लोगों की मदद पर ध्यान देना चाहिए।

बाढ़ से 19 जिले प्रभावित

बिहार में इस समय 19 जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। कोसी, गंडक, बागमती और गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई इलाके डूब गए हैं। पूर्णिया, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा समेत कई जिलों में लोग घर छोड़कर ऊंची जगहों पर रह रहे हैं। राहत कार्य को लेकर पहले भी सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी होती रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले ही सरकार पर राहत में लापरवाही का आरोप लगा चुके हैं। 

 

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 5,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की है। वहीं सरकार का कहना है कि राहत का काम लगातार चल रहा है और मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। इसी बीच अब राहत के पैसों को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। एक तरफ बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो दूसरी तरफ पप्पू यादव सरकार से ही जांच कराने की बात कह रहे हैं।

 

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बाढ़ में राहत पहुंचा रहे पप्पू

पप्पू यादव बाढ़ के समय अक्सर राहत काम में सक्रिय रहते हैं। इस बार भी वह पूर्णिया और आसपास के जिलों में नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंच रहे हैं। वह लोगों को कैश, राशन और दवाइयां बांट रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें वह बैग से पैसे निकालकर लोगों को देते दिख रहे हैं। इसी को लेकर मंत्री लेशी सिंह ने सवाल उठाया था। पप्पू यादव का कहना है कि सरकार का सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है। अधिकारी सिर्फ कागजों पर काम कर रहे हैं और जमीन पर लोगों तक मदद नहीं पहुंच रही है। इसलिए उन्हें खुद लोगों के बीच जाना पड़ रहा है।

 

उन्होंने कहा, 'अगर सरकार को उनके पैसे पर शक है तो जांच कराए लेकिन तब तक लोगों की मदद नहीं रुकनी चाहिए। हालांकि पैसों का असली स्रोत क्या है और लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं इसका पता जांच के बाद ही चलेगा। फिलहाल दोनों नेताओं के बयानों से बिहार में बाढ़ राहत को लेकर सियासत तेज हो गई है।