बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को अब सिर्फ एक चरण में कराने का फैसला किया है। यानी अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है और उनके हित में कई अहम फैसले लिए गए हैं। TRE-4 को सिंगल स्टेज में कराने समेत कई मांगों को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में 10 प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी। इसके बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल ने अपना प्रदर्शन खत्म करने का फैसला किया।
सरकार ने 24 अगस्त 2026 को जारी विभागीय पत्र संख्या 162/Go को भी तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इस साल TRE-4 की परीक्षा एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया को एक परीक्षा के जरिए कराने की मांग स्वीकार कर ली गई है। एक अभ्यर्थी, एक परिणाम के सिद्धांत पर आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार होगी।
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इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने और उसका सख्ती से पालन करने की मांग भी मान ली गई है। BSSC को जल्द परीक्षा कैलेंडर जारी करने और तय समय पर भर्ती परीक्षाएं कराने को कहा जाएगा।
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पटना हाई कोर्ट के एक मौजूदा जज की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाने का फैसला किया है। समिति परीक्षा से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी और अभ्यर्थियों को अपने सबूत व सुझाव रखने का मौका मिलेगा। 1,799 पदों वाली सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का अगला चरण समिति की रिपोर्ट आने के बाद शुरू किया जाएगा। इसके अलावा प्रश्नपत्र, OMR शीट और उत्तर पुस्तिकाओं में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रस्ताव भी समिति के सामने रखा जाएगा।
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10 मांगों पर बनी सहमति
- TRE-4 भर्ती एक ही परीक्षा से होगी। एक कैंडिडेट।
- परीक्षा में गड़बड़ियों की शिकायतों की जांच होगी।
- लाइब्रेरियन के खाली पदों पर भर्ती शुरू होगी।
- कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को भर्ती में फायदा देने पर विचार होगा।
- डोमिसाइल पॉलिसी पर भी फैसला होगा।
- भर्ती की अधिकतम उम्र सीमा पर भी विचार होगा।
- भर्ती परीक्षा का कैलेंडर जारी किया जाएगा और उसका पालन कराया जाएगा।
- BPSC जैसी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी।
- पेपर लीक के आरोपों की जांच जारी रहेगी।
- सरकार और छात्र प्रतिनिधियों ने मिलकर भरोसा दिलाया है कि आगे होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
