बिहार के बांका में लघु जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हरेन्द्र कुमार के 4 ठिकानों पर छापेमारी हुई है। हरेन्द्र कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरेन्द्र कुमार के पटना, वैशाली और बांका स्थित अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान शुरुआती जांच में जमीन खरीद से जुड़े 3 अहम दस्तावेज बरामद किए गए। इसके साथ ही, बैंक पासबुक, निवेश और संपत्ति से जुड़े दूसरे कागजों की भी जांच की जा रही है। 

 

SVU अधिकारियों की मानें तो फिलहाल हरेन्द्र कुमार और उनके परिवार वालों की चल-अचल संपत्तियों का पता लगाया जा रहा है। जांच के बाद ही आय से अधिक संपत्ति का सही आंकड़ा सामने आ सकेगा। SVU की इस कार्रवाई से पूरे लघु जल संसाधन विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। 

 

यह भी पढ़ें: स्कूल में सांप ने 6 को काटा, तीन लड़कियों की मौत; CM ने लाइसेंस किया रद्द

5 जगहों पर हुई छापेमारी  

SVU सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी पूरी तैयारी के साथ की गई। टीम ने एक साथ सभी ठिकानों पर दबिश दी ताकि किसी तरह के सबूत मिटाए न जा सकें।छापेमारी जिन जगहों पर हुई उनमें पटना के महावीर नगर स्थित नंदिनी अपार्टमेंट का फ्लैट, बेऊर स्थित निजी मकान, वैशाली जिले के पातेपुर थाना अंतर्गत सिमरवारा स्थित पैतृक आवास और बांका में लघु जल संसाधन विभाग कार्यालय के साथ-साथ जगतपुर स्थित किराए का मकान शामिल है। बांका कार्यालय में टीम ने फाइलों, टेंडर और निर्माण कार्यों से जुड़े कागजातों की भी जांच की। इसके अलावा, पटना और वैशाली स्थित आवासों में जमीन, मकान और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए हैं। 

FIR के अगले दिन हुई कार्रवाई

SVU अधिकारियों ने बताया कि हरेंद्र कुमार के पास आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर गुप्त तरीके से जांच की गई, आरोपों के सही निकलने के बाद 10 अगस्त को थाने में FIR दर्ज की गई। FIR दर्ज होने के ठीक अगले दिन यानी 11 अगस्त को अदालत से वारंट लेकर यह छापेमारी की गई। SVU अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि हमें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की ठोस जानकारी मिली थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। अभी अधिकारी अभियंता और उनके परिजनों के नाम से संचालित बैंक खातों, पासबुक, एफडी और अन्य निवेश के कागजातों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। साथ ही खरीदी गई जमीन और मकानों की कीमत का भी आकलन किया जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें: JPSC-JSSC धांधली पर बवाल, CBI जांच की मांग में ABVP कार्यकर्ता पुलिस बस पर चढ़े

आकलन के बाद ही खुलेगा पूरा राज  

SVU अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए कागजात और संपत्तियों की कीमत का पता चलने के बाद ही यह साफ होगा कि अभियंता ने कितनी अवैध संपत्ति बनाई है। फिलहाल शुरुआती जांच में जमीन खरीद से जुड़े 3 अहम कागजात मिले हैं। बैंक से हुए लेन-देन और निवेश से जुड़े कागजातों की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद लघु जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। कई कर्मचारी कार्यालय से चुपचाप खिसकते नजर आए। विभाग के दूसरे अभियंताओं के बीच भी इस छापेमारी को लेकर चर्चा हो रही है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों के भ्रष्टाचार कर संपत्ति बनाने की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। SVU की इस कार्रवाई के बाद भ्रष्ट अधिकारियों में डर का माहौल है। SVU ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।