तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय का एक हिस्सा प्रशासन ने ढहा दिया है। अधिकारियों ने अवैध निर्माण का आरोप लगाने के बाद यह कार्रवाई की। ध्वस्तीकरण से पहले प्रशासन ने अभिषेक बनर्जी के सांसदीय कार्यालय पर एक नोटिस चस्पा किया था। इसमें कहा गया कि बिना अनुमति के इमारत का निर्माण किया गया। हालांकि यह पहली बार नहीं जब किसी टीएमसी नेता के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है। इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले में टीएमसी नेता सौकत मोल्ला के बेटे से जुड़े एक कैफे को ध्वस्त किया गया था।
प्रशासनिक अमला शनिवार को अमताला में बारुईपुर रोड पर स्थित कार्यालय के बाहर बुलडोजर के साथ पहुंचा और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। दफ्तर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात दिखे। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में बुलडोजर एक्शन लिया गया। हालांकि इस दौरान मौके पर टीएमसी कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों की भीड़ भी जमा रही।
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कोलकाता नगर निगम ने जारी किया नोटिस
कोलकाता नगर निगम (KMC) ने अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार के सदस्यों और उनकी कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' से जुड़े नामों पर दर्ज 17 संपत्तियों को नोटिस जारी किया था। इसके अलावा हरीश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास 'शांतिनिकेतन' को भी नोटिस मिला है। प्रशासनिक अधिकारियों का आरोप है कि दफ्तर को कुछ दिन पहले नोटिस दिया गया, लेकिन अभिषेक बनर्जी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद शनिवार को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद से ही यह दफ्तर बंद था।
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बीजेपी ने क्या आरोप लगाया था?
कुछ दिन पहले ही बीजेपी ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 43 संपत्तियों की एक सूची जारी की थी। आरोप लगाया था कि कथित तौर पर यह संपत्तियां अभिषेक बनर्जी के सहयोगियों के स्वामित्व में है। लेकिन टीएमसी के राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने इन दावों को खारिज कर दिया था। उनका कहना है कि डेटाबेस में अभिषेक बनर्जी नाम के कई व्यक्ति शामिल है। इससे यह साबित नहीं होता है कि यह सभी संपत्तियां उनकी हैं।
