राजस्थान की राजधानी जयपुर के न्यू सांगानेर रोड पर 5 अक्टूबर को बुलडोजर से अवैध हिस्सों को हटाए जाने का काम चल रहा है। इस रोड पर गुर्जर की थड़ी से लेकर सोडाला तिराहे तक बने अवैध निर्माणों को हटाए जाएगा। करीब तीन किलोमीटर के इस पूरे रास्ते में आने वाले लगभग 260 मकानों और दुकानों के अवैध हिस्सों को ढहाया जाना है। इस कार्रवाई में सड़क पर आ चुकी सीढ़ियों, रैंप, बाउंड्री वॉल और फुटपाथ तक सब कुछ तोड़ा जा रहा है। आपको बता दें कि यह पूरी कार्रवाई राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देश के बाद की जा रही है। इसके तहत 100 फीट चौड़ी सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने को कहा गया था।
अवैध निर्माणों की वजह से कई जगह पर सड़क महज 40 से 60 फीट ही रह गई थी। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) को 6 अक्तूबर को कोर्ट में अपनी रिपोर्ट जमा करनी है। इसकी वजह से मौके पर करीब एक दर्जन से ज्यादा जेसीबी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तेजी से काम पूरा किया जा रहा है।
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ट्रैफिक और सुरक्षा के इंतजाम
अवैध निर्माण को हटाए जाने के कार्रवाई की वजह से सड़क पर प्रशासन को कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से सड़क पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। कई जगहों पर रास्ते बंद और डायवर्जन का काम किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुर्जर की थड़ी से संजीवनी हॉस्पिटल की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। साथ ही गाड़ियों के आने जाने के लिए ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार न्यू सांगानेर रोड 100 फुट चौड़ी है लेकिन अतिक्रमण और अवैध निर्माण के कारण कई जगहों पर यह सिमटकर लगभग 40 से 60 फीट रह गई है। जेडीए अधिकारियों ने बताया कि इलाके के प्रभावित संपत्ति मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। इसके बाद कुछ व्यापारियों ने खुद ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया था।
व्यापारियों का विरोध
कुछ स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने तोड़-फोड़ अभियान का विरोध किया था। लेकिन अब इस कार्रवाई को पूरा करने का काम किया जा रहा है। विवेक विहार मेट्रो स्टेशन के पास और गुर्जर की थड़ी के आसपास कई ऐसे मकान व दुकानें थीं जिनका आधा से ज्यादा हिस्सा सड़क में रूकावट बन रहा था। अब इन्हें जेडीए की टीमों ने पूरी तरह गिरा दिया है।
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स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के ठीक पहले इस तरह से दुकान टूटने से उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई के कारण लोगों को बहुत नुकसान होगा। उनका कहना है कि कम से कम सरकार और प्रशासन को त्योहारों के सीजन में थोड़ी राहत देनी चाहिए थी। आपको बता दे कि अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर मौजूद रहे।
