हरियाणा के नूंह जिले में एक साइकिल सर्कस के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। सर्कस में अपने हैरतअंगेज करतबों से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले 27 वर्षीय दीपक की जिंदा दफन स्टंट के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलोके में शोक का माहौल है, जबकि सर्कस आयोजक की लापरवाही को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

मृतक दीपक फरीदाबाद जिले के गौंछी गांव का रहने वाला था। वह साइकिल सर्कस टीम का अहम सदस्य था और कठिन स्टंट करने के लिए जाना जाता था। बिना आगे देखे साइकिल चलाना, हैंडल पर संतुलन बनाना और चलती साइकिल पर खड़े होकर करतब दिखाना उसकी खास पहचान थी। छह दिनों तक उसने अपने करतबों से लोगों की खूब तालियां बटोरीं लेकिन सातवें दिन वही स्टंट उसकी जिंदगी का आखिरी प्रदर्शन बन गया।

 

यह भी पढ़ें: 4 महीने से रूस में था युवक, फिर भी NEET प्रदर्शन मामले में बिहार में दर्ज FIR

36 घंटे तक रहा जमीन के अंदर

सर्कस के अंतिम दिन दीपक को एक खास स्टंट के तहत बोरे में बंद कर पहले से खोदे गए गड्ढे में जिंदा दफन किया गया। आयोजक ने दर्शकों से कहा था कि उसे 24 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा लेकिन चश्मदीदों के अनुसार, दीपक करीब 26 घंटे तक जमीन के अंदर ही रहा। जब गड्ढा खोदा गया तो उसकी मौत हो चुकी थी। शुरुआती आशंका है कि लंबे समय तक ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण दम घुटने से उसकी जान गई।

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चश्मदीद संचित सिंह का दावा है कि आयोजक ने घोषणा की थी कि जब तक 7,100 रुपये इकट्ठे नहीं हो जाते तब तक दीपक को बाहर नहीं निकाला जाएगा। आरोप है कि इसी वजह से उसे समय पर नहीं निकाला गया और यह देरी उसकी मौत का कारण बन गई। हालांकि, पुलिस अभी इस दावे की भी जांच कर रही है।

 

यह भी पढ़ें: 20 करोड़ कैश... 15 किलो सोना, बंगाल में कारोबारी के घर से बड़ी बरामदगी

लापरवाही के एंगल से जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूजना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिला पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 194 के तहत अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे, दीपक को समय पर बाहर क्यों नहीं निकाला गया और इस पूरी घटना के लिए कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।