दिल्ली में 20 जुलाई को कॅाकरोज जनता पार्टी (CJP) और युवाओं का प्रदर्शन हुआ था। इस प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में लगभग 10 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। इन एफआईआर में प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) जवानों पर हमला किया, तोड़फोड़ की और पत्थर फेंके थे। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब तक 250 से ज्यादा वीडियो की जांच कर चुकी है। इन वीडियो के जरिए आरोपी प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है।
इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन से जुड़े कई मामलों में एफआईआर दर्ज हुई हैं। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं, कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में 3 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके अलावा बाराखंबा रोड, कर्तव्य पथ और मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। ये एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित कानूनों के तहत दर्ज की गई हैं।
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प्रदर्शनकारियों पर लगे आरोप
इन एफआईआर में दावा किया गया है कि आरोपियों ने सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित किया। इसके अलावा कथित तौर पर पुलिसकर्मियों और RAF जवानों पर जानलेवा हमला किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे कई जवान घायल हो गए। साथ ही पुलिसकर्मियों के वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। हमला करने वाले आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो की जांच की जा रही है। इन्हीं सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस अब तक 250 से अधिक वीडियो की जांच कर चुकी है।
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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसमें बीएनएस की धारा 223 (सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालना) और धारा 132 (सरकारी कर्मचारियों के कामकाज में बाधा पहुंचाने और उन पर हमला करने) सहित धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस मामले में अभी तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
